मत्स्य सम्पदा योजना की जिला समिति की हुई समीक्षा बैठक

27 आवेदनों में 16 को मिला अनुमोदन
 
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मत्स्य सम्पदा योजना की जिला समिति की हुई समीक्षा बैठक

अवधनामा संवाददाता हिफजुर्रहमान

हमीरपुर :प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से मछली पालन व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों की आय में वृद्धि करनें के साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार करना है | दरअसल सरकार इस स्कीम के अंतर्गत जलीय कृषि को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे जलीय क्षेत्रों में व्यवसाय को एक बड़े पैमानें तक बढ़ाया जा सके।पीएमएमएसवाई योजना (PMMSY Scheme) के अंतर्गत सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में कार्य करनें वाले लोगो को 3 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जा रहा है |  प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए बजट में 20,050 करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है | इस धनराशि का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए किया जायेगा, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे |इस योजना को आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित करनें हेतु दिनांक 22/12/2021 को हमीरपुर जनपद के जिलाधिकारी डॉ चंद्र भूषण की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना  की जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्राप्त 27 आवेदनों / प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें पात्र पाए गए 16 मत्स्य पालकों के आवेदन पत्रों को अनुमोदित किया गया तथा कुछ कारणों से 11 आवेदनों को अस्वीकृत किया गया। अस्वीकृत किए गए आवेदन पत्रों के संबंधित मत्स्य पालकों से जिलाधिकारी ने स्वयं बात कर उनको इस योजना का लाभ लेने हेतु जरूरी अभिलेखों को पूर्ण करने तथा निर्धारित धनराशि की व्यवस्था कर योजना का लाभ लेने की अपील की।
    बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत निजी भूमि पर तालाब निर्माण के लिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को ऋण की सुविधा प्रदान की जाय। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में 60 प्रतिशत केन्द्रांश की धनराशित, 40 प्रतिशत राज्यांश की धनराशि होगी। लाभार्थीपरक योजनाओं में सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को कुल इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति, जन जाति व महिला लाभार्थियों को कुल इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा, शेष लाभार्थी अंश होगा। उन्होने कहा कि योजनान्तर्गत आवेदक को किसी भी प्रोजेक्ट को स्थापित करने हेतु निजी भूमि अथवा लीज की भूमि रजिस्टर्ड कम से कम 10 वर्ष विवाद रहित होनी चाहिए एवं आवेदक लाभार्थी अंश की धनराशि व्यय करने में सक्षम होना चाहिए।
इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सर्व सम्मति से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से संबंधित प्रस्ताव  को अनुमोदित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मत्स्य विभाग में संचालित मछुआ दुर्घटना बीमा योजना किसान क्रेडिट कार्ड योजना श्रमिक पंजीयन संबंधी योजना में मत्स्य पालकों द्वारा पंजीयन कराकर इन योजना का लाभ अवश्य लिया जाए जिलाधिकारी ने कहा कि मत्स्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जो लक्ष्य प्राप्त हुआ है उसके पूर्ति हेतु प्रभावी प्रयास किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें
  इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य, पीडी साधना दीक्षित ,सहायक निदेशक मत्स्य तथा जनपद के मत्स्य पालक मौजूद रहे ।