अवासी पैसा न मिलने से छप्पर डालन कर रहने कों मजबुर

 | 
अवासी पैसा न मिलने से छप्पर डालन कर रहने कों मजबुर

अवधनामा संवाददाता

मुबारकपुर,आज़मगढ़।  मोदी सरकार भले ही गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाकर लाभान्वित करने का दावा कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मुबारकपुर के मोहल्ला हैदराबाद  वार्ड नोव 15 का निवासी महफूज़ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त हमको लगभग 6 माह पहले आयी थी उसके बाद हमने मकान की बुनियाद डालकर दुसरी क़िस्त का इंतेज़ार कर रहे हैं , दूसरी क़िस्त जारी न होने से पूरा परिवार बारिश की परेशानियों को झेलने के बाद अब ठंड में भी प्लास्टिक का छप्पड़ डालकर मुसीबत झेलनी पड़ रही है। महफूज़ ने सभासद और जेई पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझसे पहली किस्त के नाम पर 6 हज़ार रु माँगा गया था लेकिन हमने नहीं दिया शायद यही कारण है कि 6 माह बीत जाने के बाद भी दूसरी क़िस्त के लिए भटक रहा हूँ। उन्होंने यह भी कहा कि मैं ठेले पर मूंगफली बेचकर परिवार का जीवन-यापन करता हूँ। महफूज़ की पत्नी शाइस्ता  का कहना है कि हम 3 बच्चों समेत इसी प्लास्टिक के छप्पड़ में रहने को मजबूर हैं।

वहीँ मुहल्ले में कई गरीब परिवार ऐसे हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित हैं उसी मुहल्ले के मंसूर अहमद का कहना है कि मैं एक गरीब परिवार से हूँ मेरा मकान गिर गया है जिसके कारण मेरी पत्नी और बच्चे मायके में रहते हैं मैं बुनाई करके के अपना जीवन व्यापन करता हूँ।