संवैधानिक संस्थाओं में मिले पसमांदा मुस्लिम समाज से नुमाइंदगी- वसीम राइन

 प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री को भेजा पत्र

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संवैधानिक संस्थाओं में मिले पसमांदा मुस्लिम समाज से नुमाइंदगी- वसीम राइन
अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी। आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राइन ने केन्द्र की भाजपा सरकार से मांग की है कि देश मे मुसलमानों की कुल आबादी में 85 प्रतिशत पसमांदा मुस्लिम समाज से केंद्रीय संवैधानिक संस्थाओं जैसे कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, महिला आयोग में नुमाइंदगी दी जाए। इससे प्रधानमंत्री का कथन सबका साथ, विकास व सबका विश्वास शत प्रतिशत साकार हो सकेगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ग्रह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस मांग के संबंध में आग्रह पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि वर्तमान हालातों में यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। इस पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। 

वसीम राइन ने पत्र में कहा है कि भारत देश के निवासी मुसलमानों में कुल 85 फीसदी आबादी पसमांदा मुस्लिम समाज की है, इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग के अतिरिक्त अन्य संवैधानिक संस्थाओं में इस मुस्लिम समाज से नुमाइंदगी (प्रतिनिधित्व) नगण्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कथन सबका साथ, सबका विकास के तहत आवश्यक हो जाता है कि पसमांदा मुस्लिम समाज को भी नुमाइंदगी देकर देश की प्रगति हेतु सेवा एवं समाज के उत्थान का अहम अवसर प्रदान किया जाए। इसके तहत आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज की ओर से पसमांदा मुस्लिम समाज से भी राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग के अतिरिक्त अन्य संवैधानिक संस्थाओं में नुमाइंदगी का अवसर दिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार गर यह कदम उठाती है तो पसमांदा मुस्लिम समाज के उत्थान के लिए रास्ते  खुल जाएंगे।