ललितपुर के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप मे किया जा सकता है विकसित

ओमकारानंद सरस्वती जी महराज ने अमझरा सरकार और डुंगरासन माता के किए दर्शन और पूजन

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ललितपुर के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप  मे किया जा सकता है विकसित

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर । भगवान भोलेनाथ की नगरी पाली में शिव महिमा महोत्सव में पधारे प्रयाग पीठाधीश्वर जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने शिष्यों के साथ मंगलवार को जिले के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल अमझरा घाटी हनुमान मंदिर और डोंगरा खुर्द में पहाड़ी पर विराजमान डुंगरासन माता के वैदिक मंत्रोंचारणों एवं  विधि विधान के साथ दर्शन कर विंध्यवासिनी माता का आशीर्वाद दिया धर्म के जयकारों के बाद मौके पर उपस्थित शिष्यों को आशीर्वाद दिया।

इस दौरान उन्होंने अमझरा घाटी स्थित बृहद गौ शाला में गौ पूजन किया ।निर्धारित कार्यक्रम के तहत शंकराचार्य जी महराज ने मंगलवार को पाली स्थित नील कंठेश्वर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए भोलेनाथ के दर्शनों के बाद सरस्वती जी महराज यूपी एमपी वार्डर पर स्थित अमझरा घाटी हनुमान जी महराज के दर्शन करने पहुंचे वहां पर नाराहट के राव साहब परिवार  द्वारा गाजे बाजे के साथ भव्य आगवानी की एवं पुष्प वर्षा के  साथ  फूल माला पहनाकर  स्वागत किया गया । हनुमान मंदिर पंहुच कर शंकराचार्य जी ने हनुमान लला के दर्शन किए एवं विधि विधान से पूजा अर्चना की । ङुंगरासन माता के दर्शनार्थ डोंगरा खुर्द जाते समय नाराहट के राव साहब की गढ़ी पंहुचे वहां पर स्थित राधा रानी मंदिर के दर्शन किए तदोपरांत रावसाहब के यहां फलाहार किया और  कुछ समय  विश्राम किया  । विश्राम के बाद सरस्वती जी महराज अपने शिष्यों के काफिले एवं पुलिस सुरक्षा के बीच डोंगरा खुर्द पहुंचे वहां पर दिमान साहब परिवार द्वारा बस स्टैंड से  बेंड बाजों के साथ जोरदार आगवानी की गई बेंड बाजों और शिष्यों के साथ सरस्वती जी महराज डुंगरासन माता के दर्शन किए उन्होंने मां डुंगरासन माता के आगे मत्था टेका और आर्चायों ने  बिधि विधान से के साथ  पूजा अर्चना की इस अवसर पर सैकड़ों  की संख्या में मौजूद शिष्यों से वार्ता करते हुए कहा कि ङुंगरासन माता मंदिर में बिराजमान माता जी अमझरा में हनुमान लला के दर्शनों को देश के कोने-कोने से श्रृद्धालु दर्शनों आते हैं और धर्म लाभ लेते है । इन स्थानों को पर्यटन के रुप में विकसित किए जाने की जरूरत है । डुंगरासन माता के दर्शनों के बाद सरस्वती जी महराज अपने शिष्य दिमान साब डोंगरा खुर्द की गढ़ी पहुंचे वहां पर गाजे बाजे के साथ  गुरुदेव भगवान की भव्य आगवानी की गई सैकड़ों की संख्या में मौजूद शिष्यों ने जयकारे लगाए एवं फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया । वहां पर गुरदेव के साथ सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शिष्यों को भोजन कराया गया। करीब एक घंटे विश्राम के बाद ओमकारानंद सरस्वती जी महाराज का काफिला पाली के लिए निकला ।

गौ शाला पहुंचकर सरस्वती जी महराज ने किया गौ पूजन

नाराहट ग्राम पंचायत में अमझरा के पास स्थित बृहद गौ शाला में ओमकारानंद सरस्वती जी महराज गौ शाला पंहुचे वहां पर  सरस्वती जी  महाराज ने विधि विधान से गौ पूजन किया एवं गाय को हरी घास खिलाई । इस अवसर पर बोलते हुए महराज ने कहा की गौ सेवा से बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं है ‌ गौ पूजा देव पूजा के समान होती है।  सनातन धर्म में गौ को मां का दर्जा दिया गया है ।