पावर कोरपोरेशन प्रबंधन के दमनकारी रवैये के खिलाफ दिया धरना

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पावर कोरपोरेशन प्रबंधन के दमनकारी रवैये के खिलाफ दिया धरना

अवधनामा संवाददाता 

सहारनपुर। पावर कारपोरेशन प्रबन्धन के दमनकारी रवैये को लेकर आज विद्युत संघर्ष समिति पश्चिमांचल के आह्वान पर दूसरे दिन अधिकारियांे व कर्मचारियों ने कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया।

आज घंटाघर स्थित बिजलीघर पर विद्युत संघर्ष समिति पश्चिमांचल के आह्वान पर दूसरे दिन भी विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियो ने विभाग की दमनकारीन नीतियों के खिलाफ कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शर कर धरना दिया। कार्यक्रम संयोजक इंजीनियर रोबिन सिंह ने बताया कि पॉवर कारपोरेशन चेयरमैन की दमनकारी हठधर्मिता के विरोध में पूरे प्रदेश में आज कार्य बहिष्कार किया गया है। उन्होंने बताया कि विगत दिनों उत्तर प्रदेश पावरकारपोरेशन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 23 जूनियर इंजीनियारों और अभियन्ताओं को बिना कारण बताए सुदूर पूर्वांचल और कुछ अन्य वितरण निगम में स्थानान्तरित कर दिया गया। संघर्ष समिति की यह स्पष्ट राय है कि अस्थाई बिजली संयोजन देने में यदि कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए और अनियमित्ता के दोषियों पर तदनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। किन्तु बिना जाँच पूरी हुए बड़े पैमाने पर अभियन्ताओं व जूनियर इंजीनियरों को सुदूर स्थानान्तरित किया गया, जो स्पष्टतया उत्पीड़नात्मक कार्यवाही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश जूनियर इंजीनियर व अभियन्ता पहले ही ग्रेटर नोएडा व नोएडा से स्थानान्तरित होकर पश्चिम से अन्य स्थानों पर तैनात किये जा चुके है। ऐसे में इन सभी का बड़े पैमाने पर पुनः स्थानान्तरण किया जाना उत्पीड़न के अलावा और कुछ नहीं है।संघर्ष समिति द्वारा इस बात पर क्षोभ प्रकट किया कि विगत एक सप्ताह से पश्चिमांचल में चल रहे व्यापक आंदोलन के बावजूद पावर कारपोरेशन प्रबन्धन ने अभियन्ताओं से बातचीत करना तक जरूरी नहीं समझा जिससे स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन जानबूझकर बिजली निगम में कार्य के स्वस्थ वातावरण को बिगाड़ रहा है। संघर्ष समिति द्वारा चेतावनी दी गयी कि कही भी आंदोलन के फलस्वरूप किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो समस्त बिजली अभियन्ता व कर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और सीधी कार्यवाही करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबन्धन की होगी। इस आशय का पत्र विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति पहले से ही ऊर्जा मंत्री को प्रेषित कर चुकी है।संघर्ष समिति उप्रद्वारा एक बार पुनः प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा से अपील की कि वे तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें, जिससे पावर कारपोरेशन के प्रबन्धन के अलोकतांत्रिक तानाशाही रवैये पर अंकुश लग सकें। उत्पीड़न की दृष्टि से किए गए सामूहिक स्थानान्तरण रदद हो और बिजली कर्मियों को कार्य का स्वस्थ वातावरण मिल सके। धरने पर ओपीराम, ई.अनिल अरोरा, ई.राजीव भटट, ई.पंकज कुमार, ई.विनोद कुमार, ई.सुरेन्द्र सिंह भण्डारी, ई.प्रदीप यादव, राकेश यादव, अक्षर जैन, पुल्कित टण्डन, सादत सलीम, आदित्य, लक्ष्मीचन्द अजय कनोजिया जीतेन्द्र शिव कुमार श्र मितेश, आई०एस० सिददकी, नवीन चन्द्र शर्मा, वसीम, अनिल कुमार, नीतिन, नवीन कुमार, नव किशोर राजन आदि उपस्थित रहे।अध्यक्षता अधिशासी अभियन्ता अक्षय कुमार ने की।