मुशायरे में कवियों व शायरों ने पढ़ी बेहतरीन रचनायें

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मुशायरे में कवियों व शायरों ने पढ़ी बेहतरीन रचनायें

अवधनामा संवाददाता 

ललितपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी बाजपेई के जन्मदिवस एवं स्वर्गीय मास्टर सलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर कौमी एकता की प्रतीक साहित्यिक संस्था हिंदी उर्दू अदबी संगम बैनर तले कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन राजेश साहू की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस मौके पर सर्वप्रथम स्व.बाजपेई जी के चित्र पर माल्यार्पण करके उनके किए गए देश को समर्पित काम को याद किया गया। सर्वप्रथम रामकृष्ण कुशवाहा एड. ने अटलजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह स्पष्ट बालकवी और राजनैतिक विरोधि भी सम्मान करते थे। उन्होंने सिर पढ़ते हुए कहा दुश्मन भी करते थे। अटलजी का सम्मान सारे देश को है। आप पर अभिमान पाक को कारगिल में धूल चटाई थी याद करेगा आपको सदियों हिंदुस्तान। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए महिला शक्ति की ओर से श्रीमती सुमन लता शर्मा चांदनी ने अर्पित करते हुए कहागम ना कर भारत माता हम लौटकर फिर आ जाएंगे आंचल में तिरंगे के तेरे हम हर दम ही मुस्कुराए रामस्वरूप नामदेव अनुरागी ने खूबसूरत शेर पढ़ते हुए कहा दर्द में दर्द का कहां एहसास होता है दर्द वही देता है जिस से रिश्ता खास होता है 'मंजू रानी कटारे बरखा ने अटल जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा उनके अटल इरादों को कौन बदलने वाला था ऐसे दृढ़ संकल्प से कौन टकराने वाला था ।राधेश्याम ताम्रकार ने गजल पेश करते हुए कहाप्यार से प्यार के रिश्ते निभाए गें ,जो देंगे किसी को वही बदले में पाए गें ।उपस्थित अन्य कवियों में अशोक क्रांतिकारी काका ललित पुरी एम एल भटनागर मामा सरवर हिंदुस्तानी प्रशांत श्रीवास्तव हामिद रजा आशिक हुसैना ने भी एक से बढ़कर एक अटल जी के सम्मान में रचनाएं पेश की इस अवसर पर दिनेश साहू रघुवीर साहू नंदलाल पहलवान राम प्रकाश शर्मा संजय कटारे गणेश बाबू कामिनी राठौर रिंकू राठौर आदि उपस्थित थे अंत में कार्यक्रम के संयोजक राकेश राठौर ने उपस्थित कवि एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया ।