एक बार फिर गूंजी 102 एंबुलेंस में किलकारी

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एक बार  फिर गूंजी 102 एंबुलेंस में  किलकारी

अवधनामा संवाददाता

देवरिया(Devariya),आपात सेवा 102 नंबर एंबुलेंस एक बार फिर वरदान साबित हुई है। गर्भवती को रामपुर कारखाना ब्लाक से जिला महिला अस्पताल ले जाते समय वहां पहुंचने से पहले ही  गायत्रीपुरम पेट्रोलपंप के पास 102 नंबर एंबुलेंस के कर्मियों ने एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करा जच्चा-बच्चा की जान बचाई। इसके बाद जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां दोनों स्वस्थ हैं।

रामपुर कारखाना ब्लाक के भीमपुर निवासी सोनू की पत्नी ज्योति (22) को सोमवार रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने फोन से इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता निर्मला को दी। आशा कार्यकर्ता निर्मला  ने बताया कि गर्भवती के परिजनों ने मोबाइल द्वारा जैसे ही उन्हें सूचना दी , उन्होंने एंबुलेंस को सूचित किया जिसके मात्र 14 मिनट बाद एंबुलेंस आ गई जिसमे इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) जगदीश प्रसाद और पायलट प्रेमशंकर  तैनात थे। इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) जगदीश प्रसाद ने बताया कि एम्बुलेंस के जिला महिला अस्पताल  पहुंचने से पहले ही रास्ते में गायत्रीपुरम पेट्रोलपम्प के पास गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। इस दौरान गर्भवती की स्थिति जब बिगड़ने लगी तो ईएमटी ने एम्बुलेंस को रोककर आशा कार्यकर्ता निर्मला और पायलट प्रेमशंकर की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। ईएमटी ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने का उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने आशा बहू की मदद से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। ज्योति  के पति सोनू ने बताया आशा दीदी की तत्परता और एम्बुलेंस टीम की मदद और सूझबुझ से सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया । फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ हैं|

पंद्रह महिलाओं का हुआ सुरक्षित प्रसव

एंबुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक प्रोग्राम मैनेजर श्यामनन्दन सिंह ने बताया  जनवरी 2021 से अब तक 15 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव ईएमटी,आशा कार्यकर्ता और पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एम्बुलेंस में कराया है। सभी जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उन्होंने  बताया कि एम्बुलेंस में ड्यूटी करने वाले ईएमटी को हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें सिखाया जाता है कि विषम परिस्थितियों का सामना वह कैसे करें तथा ऐसी परिस्थितियों से डरे नहीं बल्कि विश्वास के साथ उनका सामना करें ताकि मरीज की पूरी मदद कर पाएं।