जिनके कंधों पर सच सामने लाने की जिम्मेदारी, वही डाल रहे थे पर्दा

 क़ब्रिस्तान जमीन विवाद, आखिर आया निर्णायक मोड़

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जिनके कंधों पर सच सामने लाने की जिम्मेदारी, वही डाल रहे थे पर्दा

अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी। तो नवाबगंज तहसील के राजस्वकर्मी ही जिम्मेदारी लिए बैठे थे कि संतोषी माता मंदिर के निकट स्थित कब्रिस्तान की जमीन को लेकर चल रहे विवाद का सच बाहर नही आने देंगे। वरना बोतल से जिन्न निकलते देर नही लगेगी। शंका तभी से रही कि कब्रिस्तान का मामला आईने की तरह साफ है, फिर दो दो बार मौके की जांच होने के बाद भी कार्रवाई की नौबत क्यों नही आने पा रही। हक़ न होते हुए भी मालिक बन जमीन का गलत समझौता करने वाले तो एड़ी चोटी का जोर लगाए ही थे और अपने सारे अस्त्र शस्त्र फेंक रहे थे पर बदनीयती के इस खेल में उन्हें भी राजीदार खासमखास बना लिया गया, जिन पर सच सामने लाने की गंभीर जिम्मेदारी थी। अब करवाई निर्णायक मोड़ पर आ पहुंची तो हलक सूखने लगे हैं।

याद दिला दें कि संतोषी माता मंदिर के निकट स्थित कब्रिस्तान की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। यहां दो बातों का जिक्र करना जरुरी हो जाता है, जो वक़्फ़ संपत्तियों से जुड़ी और विधि व्यवस्था के अनुसार हैं, पहली यह कि उच्चतम न्यायालय की रुलिंग के अनुसार इन सम्पतियों के अपर सर्वे आयुक्त जिलाधिकारी तथा संरक्षक एसडीएम होते हैं। वही कोई भी निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं। दूसरी बात यह कि कब्रिस्तान का मालिक होने साबित करने के दावे कोई भी करे पर उसकी नवैयत बिलकुल नही बदली जा सकती। 

उधर कुछ लोगों द्वारा बिना किसी हक़ के इस जमीन के एक हिस्से का मालिक बन समझौता कर लिया जो नियम कानून की दृष्टि से नाजायज था। बदनीयती की देन इस समझौते की शिकायत जिला व तहसील प्रसाशन से की गई। नवाबगंज तहसील के पूर्व एसडीएम ने तीन अधिकारियों की टीम बनाकर शिकायत की जांच करवाई। टीम ने अपनी रिपोर्ट सछम अधिकारी को सौंप दी। मामला लंबित हो गया। लम्बे समय तक तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट पर कार्रवाई को रोके रखा। यह भी जानने को नही मिला कि शिकायत सही है या गलत। एसडीएम का तबादला हुआ और उनके स्थान पर नवागत एसडीएम के तौर पर तेज तर्रार अधिकारी पंकज कुमार ने कार्यभार संभाला। उनके आने के बाद आस बंधी तो शिकायत कर्ता   न्याय के लिए एसडीएम से मिले। इस प्रकरण और पूर्व की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए एसडीएम पंकज कुमार ने पुनः टीम बनाकर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। टीम ने मौके की जांच कर अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। 

सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की नौबत आ चुकी है और हड़कंप का माहौल है। चर्चा तेज है कि इस प्रकरण में दो दो बार जांच होने के बाद भी कार्रवाई की नौबत सिर्फ इसलिए नही आ रही थी क्योंकि सच6 सामने लाने के लिए जिनके कंधे पर जिम्मेदारी डाली गई, वो ही राह का रोड़ा बन गए। सबकुछ ठीकठाक रहा तो रोड़ा किनारे होते देर नही लगेगी, संकेत यही मिल रहे हैं।