एनटीपीसी-सिंगरौली हिन्दी गोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान शक्तिनगर सोनभद्र

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एनटीपीसी-सिंगरौली हिन्दी गोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान शक्तिनगर सोनभद्र

अवधनामा संवाददाता

 सोनभद्र(Sonbhadra ) एनटीपीसी-सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन में मनाये जा रहे हिन्दी पखवाड़ा -2021 के दौरान शिक्षक दिवस के मौके पर आवासीय परिसर में संचालित विद्यालयों के शिक्षक / शिक्षकाओं के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया।  गोष्ठी आरंभ पूर्व उपस्थित अध्यापक/अध्यापिकाओं को श्री वरिष्ठ प्रबंधक राजभाषा ने उनका स्वागत किया गया । वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन-राजभाषा श्री ओम प्रकाश जी ने उपस्थित शिक्षकों का स्वागत करते हुए शिक्षक दिवस के इतिहास को रेखांकित करते हुए शिक्षक पर्व की बधाई दी । उपस्थित शिक्षक/शिक्षिकाओं की सर्व सम्मति से विवेकानंद वरि0 माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बलवन्त सिंह जी की अध्यक्षता में गोष्ठी आरंभ हुई, जिसमें प्रथम वक्ता के रूप में  विवेकानंद प्राथमिक विद्यालय के आचार्य  रामाकान्त पाण्डेय जी ने आधुनिक  शिक्षा में नैतिक शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों में गिरावट पर चिन्ता व्यक्त करते हुए नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा पर बल दिया । अपने कथन की पुष्टि में श्री पाण्डेय ने रामायण की कुछ चौपाईयों को उदृधत किया किया । अम्बेडकर विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे श्री प्रदीप जी ने शिक्षा में नैतिक मूल्यों के महत्वों को उजागर करते हुए इस संदर्भ में काव्य पाठ किया । डा0 अम्बेडकर विद्यालय की शिक्षका श्रीमती शीला सिंह ने कहा कि शिक्षा वही है जो मानवीय गुणों से पूर्ण और नैतिकता पर आधारित हो । शिक्षक सम्मान एवं हिन्दी गोष्ठी में उपस्थित संत जोसेफ स्कूल के अध्यापक  डा0 योगेन्द्र वरूणष्षंकर तिवारी ने शिक्षा की विस्तृत परीभाषा रखते हुए नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा को वास्तविक शिक्षा  बताया तथा महाभारत के कई श्लोक और घटनाओं को रखते हुए नैतिकता पूर्ण शिक्षा की महत्ता को रेखांकित किया। अगले वक्ता के रूप श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी, विवेकानंन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, श्रीमती लकी पा़टीदार, श्री डा0 बृजेश सिंह यादव, श्री विनोद कुमार सिंह ने अपने सारगर्भित व्याख्यानों से विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया । कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री बलवन्त सिंह ने  अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए शिक्षा जगत की कठिनाईयों और आधुनिक शिक्षा , महंगी  शिक्षा, शिक्षा के व्यवसायी करण जैसे बिन्दु पर विचार रखते हुए नैतिक शिक्षा को रीढ बताते हुए कहा कि शिक्षा वही है जो  संस्कार एवं नैतिक गुणों से शिक्षार्थी को सुसज्जित कर सके। सम्मानिय शिक्षक/शिक्षिकाओं में पुस्तक भेंट किये जाने के उपरान्त  श्री ओम प्रकाश ,वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन - रा.भा. के आभार ज्ञापन से कार्यक्रम का सम्पन्न हुआ ।