दस्तक अभियान में चिन्हित कुपोषित बच्चे भेजे गए एनआरसी

सर्वे के दौरान 83 बच्चे पाए गए थे कुपोषित

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दस्तक अभियान में चिन्हित कुपोषित बच्चे भेजे गए एनआरसी

अवधनामा संवाददाता (मनोज बैद्य)

ललितपुर। बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए चलाये जा रहे अभियान रंग ला रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण दस्तक अभियान है। इसमें चिन्हित हुए कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) भेजा गया है। जहां बच्चों की सेहत में सुधार हो रहा है। जनपद में दस्तक अभियान 19 अक्टूबर से एक नवंबर के मध्य संचालित किया गया। इस दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर दस्तक दी और बड़े से लेकर छोटे बच्चों की सेहत का हाल जाना। इस दौरान 83 बच्चों में कुपोषण के लक्षण पाए गए। इन चिन्हित बच्चों को एनआरसी भेजने की प्रक्रिया विभाग द्वारा की गई। अब तक 35 बच्चों को एनआरसी पहुंचाया जा चुका है, जहां उनका उपचार चल रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि नामांकित बच्चों का वजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जाता है। जिन बच्चों का वजन निर्धारित मानक से कम पाया जाता है, ऐसे बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अलावा जिन बच्चों को चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हे एनआरसी भेजा जाता है। एनआरसी से डिस्चार्ज होने के बाद एक माह तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम द्वारा बच्चों का फालोअप भी किया जाता है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी के.एस.सिंह का कहना है कि दस्तक अभियान में 11 विभागों ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए काम किया, इसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग भी शामिल था।

एनआरसी पर मिलता है निशुल्क इलाज व भोजन

जिले के प्रत्येक ब्लाक मे एनआरसी संचालित हे, इनमें जिला अस्पताल में दस व ब्लाक छह-छह बेड की व्यवस्था हे यहाँ भर्ती होने वाले बच्चे को निशुल्क उपचार दिया जाता है, इसके साथ ही भोजन भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। बच्चे के साथ मां या परिवार के किसी एक सदस्य को भी एनआरसी में निशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाती है। नर्सिग आफीसर अर्पण रावत ने बताया कि एनआरसी में भर्ती बच्चों को हर दो घंटे में दूध उपलब्ध कराया जाता है।

सुधर रही सेहत

जिला अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती ढाई वर्षीय रामराजा जन्म से दृष्टि हीन है और उसका वजन सात किलोग्राम है, उसे 27अक्टूबर को एनआरसी में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में उपचार पा रहा है। ब्लाक बिरधा अंतर्गत ग्राम बरखिरिया निवासनी उर्मिला मिल रही सुविधाओं से संतुष्ट है। बच्चे को दूध व उसे खिचड़ी खाने में मिल रही है। ब्लाक तालबेहट ग्राम पंचायत हर्षपुर के मजरा खदरी निवासनी एक वर्षीय खुशबू का वजन सात किलो तीस ग्राम है, इसे 31 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था। उसकी मां वर्षा का कहना है कि दस्त लगने से खुशबू काफी कमजोर हो गई है। अब स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।