अब अंत्योदय परिवारों को भी आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा

जिले के 27139 अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार योजना में शामिल

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अब अंत्योदय परिवारों को भी आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा

  अवधनामा संवाददाता  (मनोज बैद्य)

ललितपुर। कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसमें जिले के 27139 अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों को शामिल करते हुए इन परिवारों के 70543 अनुमानित सदस्यों को मुफ्त इलाज की सुविधा से लाभान्वित करने की पूरी तैयारी है। 

इनमें से 8358 अंत्योदय लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए भी जा चुके हैं। अब जगह-जगह शिविर लगाकर अंत्योदय परिवारों के आयुष्यमान कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी परिवार प्रति वर्ष पाँच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सम्बद्ध अस्पतालों में भर्ती होकर प्राप्त कर सकते हैं। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ मुकेश दुबे ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में अभी तक 125099 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 4353 मरीजों को अभी तक मुफ्त उपचार का लाभ भी मिल चुका है। खास बात यह है कि पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बिल्कुल मुफ्त बनाए जा रहे हैं। जन सुविधा केंद्र के वी.एल.ई द्वारा भी कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके अलावा योजना से जुड़े सरकारी अस्पतालों में लाभार्थी अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार पंजिका की नकल, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा प्रेषित पत्र प्लास्टिक कार्ड अंत्योदय का राशन कार्ड, श्रम विभाग में पंजीकृत भवन एवं संनिर्माण मजदूर जिनके नाम योजना में जोड़े गए हैं,उसे दिखा कर आयुष्मान कार्ड बनवाए जा सकते हैं। सी.एम.ओ डॉ. जी पी शुक्ला ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर 31 दिसंबर तक ग्रामसभा व ब्लाक स्तर पर शिविर आयोजित कर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस योजना में 27139 अंत्योदय परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं, इन परिवारों के 8358 सदस्यों के अब तक कार्ड बनाए जा चुके हैं। कार्ड बनवाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में भर्ती विकासखंड महरौनी अंतर्गत ग्राम भदौरा निवासनी 44 वर्षीया  रामवती ने बताया कि आँख में मोतियाबिंद हो गया था। इससे धुंधला  दिखाई देने लगा था। इसके बाद पति के साथ इलाज के लिए चित्रकूट गए। जहां चिकित्सकों ने सलाह दी कि 15 दिनो तक भर्ती रहकर इलाज कराना  होगा। चित्रकूट में रहकर इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे। वापस लौटकर जिला अस्पताल में भर्ती हो गए। यहाँ चिकित्सकों ने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। पति ने बताया कि उसके पास कार्ड उपलब्ध है। इसके पश्चात मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया। अब वह राहत महसूस कर रही हैं और इसके लिए उन्हें कोई पैसा भी नहीं देना पड़ा। जिला अस्पताल में भर्ती विकासखंड जखौरा की 16 वर्षीया रंजना ने बताया कि उन्हें पिछले एक साल से पेट में दर्द, उल्टी, बुखार की समस्या बनी थी7 कई निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर भी उन्हें आराम नहीं मिला। इलाज पर करीब 40 हजार रूपये खर्च हो चुके थे  और आगे इलाज कराने के लिए पैसे नहीं बचे थे। जिला अस्पताल में इलाज कराने आए तो चिकित्सक डॉ. आर..सिंह ने भर्ती होने की सलाह दी, तो उन्हें आर्थिक तंगी के बारे में बताया गया। इस पर डॉ.आर.पी. सिंह ने आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी की तो पता चला कि सभी के कार्ड  बने हैं लेकिन मुफ्त इलाज के बारे में जानकारी परिवार को नहीं थी। अब आयुष्मान कार्ड द्वारा ही पूरा इलाज चल रहा है। दो बोतल खून भी चढ़ाया जा चुका है। निरंतर इलाज से आराम मिल रहा है। पिता नारायण लड़की का मुफ्त  इलाज होने से खुश हैं।

निजी अस्पतालों में भी पा सकेंगे उपचार

जनपद की 14 चिकित्सा इकाइयों को योजना से आबद्ध (इम्पैनल्ड) किया जा चुका है। इनमें सात सरकारी चिकित्सालय, पाँच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (बार,बिरधा, मडावरा,महरोनी, तालबेहट),जिला महिला चिकित्सालय, मा. कांशीराम संयुक्त पुरुष चिकित्सालय आबद्ध  किए जा चुके हैं। इसके अलावा सात निजी चिकित्सालय को योजना से आबद्ध किया गया है, जिनमें जनता चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल ललितपुर, आयुष्मान हॉस्पिटल ललितपुर, एच.बी.एम हॉस्पिटल ललितपुर, जीवन ज्योति हॉस्पिटल किसरदा महरौनी, श्रीदिगंबर जैन भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय ललितपुर, सिद्धि बाहुबली मेमोरियल हॉस्पिटल ललितपुर, श्रीगुरुनानक देव हॉस्पिटल शामिल हैं।