टिकट नहीं तो वोट नहीं- कायस्थ स्वाभिमान संघर्ष

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 टिकट नहीं तो वोट नहीं- कायस्थ स्वाभिमान संघर्ष
अवधनामा संवाददाता

प्रयागराज। कायस्थ समाजके प्रशांत श्रीवास्तव महानगर अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा प्रयागराज, गोविंद खरे अध्यक्ष जय चित्रांश कल्याण समिति, जितेंद्र वर्मा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, रतन श्रीवास्तवा,दिलीप श्रीवास्तव एडवोकेट चित्रगुप्त वंशज सभा ने आज एक प्रेस वार्ता में बताया कि अपने समाज के लोगों को संगठित करके जय चित्रांश आंदोलन चला रहा है, जय चित्रांश आंदोलन कोई संस्था अथवा संगठन नहीं है, विभिन्न कायस्थ संस्थाओं की भावनाओं को अब संचित करने वाला एक विचार है संपूर्ण देश विशेष तौर से उत्तर प्रदेश में कार्य समाज को संगठित करने के लिए कायस्थ स्वाभिमान संघर्ष कर रहा है हमारा समाज कभी पद की लोलुपता में शामिल नहीं रहा ,हमें गर्व है कि हम ऐसी महापुरुषों की संतान है ना जाने कितने कायस्थ महापुरुषों ने अपना अप्रतिम योगदान दिया अध्यात्म साहित्य और कला के क्षेत्र में भी हमारे समाज के लोग भी शिखर पर रहे स्वामी विवेकानंद , महर्षि योगी हरिवंश राय बच्चन , फिराक गोरखपुरी, महादेवी वर्मा ,राजकुमार वर्मा, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा आदि हजारों विभूतियों ने अपने प्रतिभाओं से वैश्विक अष्टक पटल पर भारत देश और कायस्थ समाज का नाम रोशन किया शिक्षा के क्षेत्र में भी दानवीर मुंशी काली प्रसाद जी का योगदान रहा है।1990 के बाद देश का परिदृश्य बदला और राष्ट्रीय राजनीति भावना का स्थान जातिगत ने ले लिया जो न देश के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। प्रयागराज में 4 लाख कायस्थ है पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 2 करोड से ज्यादा कायस्थ मतदाता है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में छोटी-छोटी संख्या वाले जातियों को एक से अधिक मंत्री या एमएलसी बनाए गए, जबकि कायस्थ समाज से मात्र एक मंत्री बनाया गया ,जिसकी पहचान कभी भी कायस्थ समाज से ना होकर एक विशेष राजनीतिक दल से मानी जाती है जय चित्रांश आंदोलन , विभिन्न दलों द्वारा की जा रही राजनीतिक उपेक्षा और जनप्रतिनिधि के अभाव। पिछले कई वर्षों से इस उपेक्षा के विरुद्ध कार्य समाज को कार्य स्वाभिमान संघर्ष के माध्यम से संगठित करने का प्रयास कर रहा है सभी अपनी भावनाओं और मांगों को विभिन्न राजनीतिक दलों को अवगत करा रहा है। इसी क्रम में अनेक बैठक और सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।  सभी बैठको में यहनिर्णय लिया गया कि जो राजनीतिक पार्टियां हमारे समाज को टिकट नहीं दिया तो हम उसे वोट नहीं देंगे। जो भी राजनीतिक दल कायस्थ समाज से जुड़े हुए अपने दल के कायस्थ नेता को टिकट देगा, हम संगठित होकर उसे वोट करेंगे और उसे जिताएंगे पूरे उत्तर प्रदेश में 36 विधानसभाओं पर कायस्थ समाज किसी दल को जितना सकता है। लगभग 100 विधानसभाओं में हम किसी दल विशेष को हराने हराने की स्थिति में है। ।
यदि राजनीतिक पार्टी प्रयागराज में किसी विधानसभा का टिकट नहीं देती है तो हमारे समाज के लोग मिलकर शहर के पश्चिमी, उत्तरी ,दक्षिणी और फूलपुर विधानसभा में अपना प्रत्याशी लड़ायेगे ।
इस रणनीति के तहत 28 नवम्बर दिन रविवार को 1:00 बजे से रामबाग रेलवे स्टेशन के सामने सेवा समिति विद्या मंदिर परिषद में एक विशाल कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया है। और जल्द ही लखनऊ में एक विशाल रैली का भी आयोजन किया जाएगा।