एनएचएम संविदा कर्मियों ने सात सूत्रीय समस्याओं के निस्तारण की उठायी मांग

प्रशासन के जरिए शासन को भेजा ज्ञापन

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एनएचएम संविदा कर्मियों ने सात सूत्रीय समस्याओं के निस्तारण की उठायी मांग

अवधनामा संवाददाता 


ललितपुर। उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि.) के अन्तर्गत उत्तर प्रदेेश में लगभग 1 लाख की संख्या में संविदा कर्मचारी (चिकित्सक, पैरामेडिकल, मैनेजमेन्ट व अन्य) व लगभग 2 लाख की संख्या में आशा बहुऐं कार्य कर रही हैं। बताया कि सभी कर्मचारी पिछले 2 वर्षोंं से कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी व कोविड टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में निरन्तर अपनी सेवा प्रदान कर पूर्ण योगदान दे रहे हैं। जिसके दौरान संविदा कर्मचारियों से प्रत्येक राजकीय अवकाशों व साप्ताहिक अवकाशों में भी लगातार विभागीय कार्य लिया जा रहा है। अवगत कराया कि 26 जुलाई 2021 को संगठन प्रतिनिधिमण्डल से अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ.प्र. से हुई वार्ता के दौरान 3 मांगों को पूरा किये जाने की सहमति प्रदान किये जाने के उपरान्त भी 2 मांगों पर 3 माह व्यतीत हो जाने के उपरान्त भी कोई कार्यवाही न होने से प्रदेश के संविदा कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है, जिसके कारण संगठन आन्दोलन के राह पर जाने हेतु विवश है। यदि संगठन की पूर्व से लम्बित मांगों को 25 नवम्बर 2021 से पूर्व पूरा नहीं किया जाता है तो निम्न रूपरेखा के अनुसार संगठन प्रदेश भर में आन्दोलन करने हेतु बाध्य होगा। सात सूत्रीय समस्याओं को लेकर बताया कि 25 नवम्बर 2021 को काला फीता बाँधकर कार्य करते हुए सांकेतिक विरोध किया जायेगा। 26 नवम्बर 2021 को समस्त जनपदों में संविदा कर्मचारियों द्वारा 1 घंटे कार्य बहिष्कार, 27 नवम्बर 2021 को संविदा कर्मचारियों द्वारा ताली एवं थाली बजाकर विरोध दर्ज करते हुए सरकार को अंतिम चेतावनी दी जायेगी। 29 नवम्बर 2021 को पूर्ण संख्या बल के साथ मिशन निदेशक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ.प्र.) कार्यालय लखनऊ का घेराव किया जायेगा, यदि 29 नवम्बर 2021 को भी हमारी मांगे पूरी न की गईं तो 30 नवम्बर से प्रदेश के समस्त जिलो में अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ विभाग की समस्त प्रकार की सेवाओं (आकस्मिक सेवा को छोड़कर) का बन्द किया जाना हमारे आन्दोलन में शामिल होगा। उन्होंने उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ(रजि.) के बैनर तले संगठित हम समस्त स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे पुन: अपनी जायज मांगों का पूरा किये जाने की पुरजोर अपील की है। जिसमें विनियमितीकरण/समायोजन व असृजित पदों का विभाग में सृजन- उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत तैनात संविदा कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तरह नियमित/स्थाईकरण किया जाये तथा संविदा के सापेक्ष जो पद स्वास्थ्य विभाग में अभी तक सृजित नहीं हैं, उन पदों का सृजन किया जाये। वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति-स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों हेतु कोई वेतन पॉलिसी न होने के कारण पिछले लगभग 16 वर्षों से अनवरत कार्य करते हुए तथा एक समान पद और समान योग्यता होते हुए भी हम संविदा कर्मचारियों को एक समान मानदेय नही मिल पा रहा है जिससे हम समस्त को वेतन विसंगति का सामना करना पड़ रहा है। सातवें वेतन आयोग का लाभ व जॉब सिक्योरिटी-हरियाणा राज्य की भांति उ.प्र. के भी समस्त एनएचएम संविदा कर्मचारियों को 7वाँ वेतन आयोग के अन्तर्गत मंहगाई भत्ता व अन्य लाभ व बिहार सरकार की तरह एनएचएम कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी प्रदान किया जाये। रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानान्तरण- प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत तैनात संविदा कर्मचारियों में हजारों की संख्या में ऐसे कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं जो अपने गृह जनपद से 200-800 किमी0 की दूरी पर गैर जनपद में तैनात हैं को रिक्त पदों पर स्थानान्तरण प्रक्रिया को बहाल करते हुए इच्छुक संविदा कर्मचारियों का गैर जनपदीय स्थानान्तरण कराने का कष्ट करें। आउटसोर्स नीति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को पदानुरूप निर्धारित मानदेय नहीं मिल पाता है। जिसे आउटसोर्स प्रकिग्रया को समाप्त करते हुए एनएचएम के तहत आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचरियों को जिला स्वास्थ्य समिति/राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत समायोजित किया जाये। बीमा पॉलिसी- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत समस्त संविदा कर्मचारियों हेतु बीमा पॉलिसी का निर्धारण किया जाये जिससे सेवा में रहते हुये कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार को एक सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके साथ ही संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने हेतु, आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत समस्त संविदा कर्मचरियों को उनके परिवार के सदस्यों सहित पंजीकृत कर उनका भी गोल्डेन कार्ड बनाया जाये जिससे हम अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को नि:शुल्क इलाज का लाभ प्राप्त हो सके। आशा बहुओं का नियत मानदेय- स्वास्थ्य विभाग की समस्त योजनाओं का लाभ समुदाय के अन्तिम व्यक्तियों तक पहुँचाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली आशा बहुओं का एक नियत मानदेय निर्धारित किया जाये जिससे उनके भी परिवार का भरण-पोषण सुगमता से सम्भव हो सके। उन्होंने संगठन की उपरोक्त मांगों पर आप अपना विशेष ध्यानाकर्षण करते हुए प्रदेश के हम संविदा कर्मचारियों की 7 सूत्रीय जायज मांगों को 25 नवम्बर 2021 के पूर्व पूरा करने की मांग उठाते हुये अन्यथा की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देते समय जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर, महामंत्री दीपक जैन, जिला संयोजक नीरज दुबे, उपाध्यक्ष गोविन्द राज, डा.तारिक अंसारी, राजीव मोदी, कोषाध्यक्ष नवीन सोनी, प्रमोद शर्मा, सचिव नंदलाल यादव, संगठन मंत्री कु.शालिनी दीक्षित, प्रवक्ता संजय त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी आदेश श्रीवास्तव, पवन कुमार, अमित तिवारी, संगठन मंत्री प्रियंक तिवारी, दिनेश राजपूत, विशेष सलाहकार डा.देशराज दोहरे, डा.सुखदेव पंकज, डा.रूद्रप्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।