नगर पालिका टाण्डा जेई का काला कारनामा, सरकारी धन का किया जा रहा है बंदरबांट

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नगर पालिका टाण्डा जेई का काला कारनामा, सरकारी धन का किया जा रहा है बंदरबांट

अवधनामा संवाददाता 

टाण्डा अम्बेडकरनगर । नगर पालिका परिषद टाण्डा में भ्रस्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो गई है की इसपर शासन भी अंकुश नही लगा पा रहा है यही वजह है विगत दिनों गैर जनपद स्थानांतरित हो चुकी टाण्डा नगर पालिका की जेई ने न्यायालय से अपना स्थानांतरण रुकवा लिया और शासन व जनता के पैसे की बंदरबांट अपने उच्च अधिकारियों को भ्रमित करते हुए कर रही है।ताजा मामला गत दिनों 14 वें व 15वें वित्त की मद से पांच करोड़ से अधिक की लगात के निर्माण कार्यों का टेण्डर ई टेण्डर के माध्यम से निकाला गया था जिसे अपने चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने के लिए कई चक्रों में स्थगित करते हुए आखिरकार टेंडर कराया गया जिसकी टेक्निकल जांच जारी है।नगर पालिका द्वारा जारी किए गए इन निर्माण कार्यो में जेई नगर पालिका द्वारा जमकर खेल किया गया है इन निर्माण कार्यो में जहाँ ओवर स्टिमेटिंग कर सरकारी धन का बंदरबांट करने का प्रयास किया गया है वही इन कार्यो में ज्यादातर कार्य ऐसे है जो की बिल्कुल सही है लेकिन धन का बंदरबांट करने के लिए इन कार्यो की निविदा कराई गई है जब हमारी टीम ने नगर पालिका टाण्डा द्वारा आमंत्रित कार्यों की स्थलीय जांच पड़ताल की गई तो जिसमें वार्ड संख्या 05 मुबारकपुर उत्तरी में साजन मोदनवाल व पिंटू जायसवाल के मकान से शंकर जी की मंदिर तक  नाले का निर्माण व आरसीसी पटिया का निर्माण कार्य होना है लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा ही प्रार्थना पत्र देते हुए बताया गया कि उक्त नाला की मात्र पांच पटिया टूटी है जिसके लिए नगर पालिका प्रशासन 23 लाख से अधिक की रकम खर्च करने के लिए निविदा प्रकाशित की गई है जिससे नगर पालिका टाण्डा द्वारा आमंत्रित उक्त निविदाओं जेई द्वारा की गई ओवर स्टिमेटिंग की पोल खुल रही है इसके साथ ही पूर्व में डूडा द्वारा जिन स्थलों का निर्माण कार्य कराया जा चुका है उसी मार्ग पर अब नगर पालिका परिषद पुनः निर्माण कराने का टेंडर कराया गया है। इसके साथ ही वार्ड संख्या 07 तलवापार में हमीद के मकान से सकलैन के मकान तक रिटर्निंग वाल, नाली व इंटरलाकिंग के निर्माण कार्य की निविदा आमंत्रित की गई है जबकि उक्त मार्ग पर रिटर्निंग वाल, नाली बानी हुई है। उक्त मार्ग के कुछ हिस्से पर भूमि विवाद होने से रास्ता बन नहीं सका था और उसके बाद के मार्ग पर रिटर्निंग वाल, नाली व पुराना खड़ंजा लगा हुआ है जिस पर पानी की पाइप लाइन डाले जाने से केवल खड़ंजा उखड़ गया है।

जबकि अन्य पूरे मार्ग पर इंटरलॉकिंग व नाली बनी हुई है जिसका पूरा कार्य डूडा द्वारा कराया गया था और विवादित भूमि के बाद का हिस्सा नगर पालिका द्वारा निर्मित कराया गया था जिसमे मिट्टी पटाई, रिटर्निंग वाल व नाली पुख्ता बनी हुई है। उक्त पूरे मार्ग के मात्र चन्द भाग में खराब खड़ंजा की मरमत कर सुधार करने मात्र की ही आवश्यकता है लेकिन जेई टाण्डा की रिपोर्ट पर उक्त पूरे मार्ग का टेंडर 22 लाख से अधिक की लागत पर आमंत्रित किया गया है। उक्त निर्माण कार्य से आवश्यक उसी स्थान के पास मौजूद नाला का निर्माण आवश्यक था जो कच्चा व खुला हुआ है जिससे स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि यह खुला हुआ नाला संचारी रोग को भी बढ़ावा दे रहा है। उक्त नाला निर्माण को नज़र अंदाज़ कर ओवर स्टिमेटिंग में डूडा द्वारा निर्मित नाली व इंटरलाकिंग बनवाना उचित नहीं है। उक्त आमंत्रित निविदा में तारिक के मकान से नाला तक नाली व इंटरलाकिंग का निर्माण कार्य कार्य  किया जाना भी आवश्यक अवश्य है जो मात्र लगभग 20 मीटर से अधिक नहीं है। 

उक्त वार्ड में कई निर्माण कार्य ऐसे हैं जिन्हें डूडा द्वारा कराया जा चुका है लेकिन नगर पालिका प्रशासन ओवर स्टिमेटिंग के सहारे उसी मार्गो पर पुनः निर्माण कराने में जुटी हुई है जबकि नगर क्षेत्र की एक दर्जन सड़कें काफी जर्जर हालत में है लेकिन नगर पालिका की जेई द्वारा उन सड़को को दर किनार कर जो पहले से ही सही कार्य है उनका पुनः निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित किया है जिससे नगर पालिका टाण्डा की जेई की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है नगर पालिका टाण्डा में सरकारी धन की बंदरबांट के लिए ओवर स्टिमेटिंग का खेल कोई नया नहीं है क्योकि नगर पालिका टाण्डा में अभी कई ऐसे निर्माण कार्य है जो ठेकेदार द्वारा नगर पालिका से किये गए अनुबंध के अनुसार अभी गारंटी में है लेकिन मौजूदा समय मे जर्जर हो चुके है लेकिन नगर पालिका टाण्डा ऐसे ठेकेदारों पर कार्यवाही की बजाये उनको और निर्माण कार्य देकर पुरस्कृत कर रही है तो वही एक तरफ जहाँ अधिशाषी अधिकारी का दावा है कि कोई गलत कार्य नहीं होने दिया जायेगा तो वही दूसरी तरफ पालिका अध्यक्ष विहीन नगर पालिका टाण्डा की ज़िम्मेदारी अपर जिलाधिकारी के कंधों पर है और साफ सुथरी क्षवि वाले जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन द्वारा कई बार अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता लाने का निर्देश भी दिया गया लेकिन बड़ा सवाल ये है कि नगर पालिका परिषद टाण्डा द्वारा आमंत्रित की गई निविदाओं में इतनी बड़ी जिले के उच्च अधिकारियों की आँखों मे धूल झोंक कर की जा रही है क्योंकि जिन कार्यो की निविदा प्रकाशित की गई है सभी कार्यो का अनुमोदन प्रभारी पालिकाध्यक्ष व जिलाधिकारी के द्वारा किया गया है ऐसे में सवाल यह उठता है की मात्र चन्द पटिया को सही कराने के लिए लाखों  खर्च करने की तैयारी सरकारी धन के बन्दरबाँट के लिए हो रही है और डूडा द्वारा कराए गए कार्यों पर पुनः निर्माण कराने की भी तैयारी हो रही है। उक्त निविदाओं का स्थलीय जांच निरीक्षण यदि शासन द्वारा टीम गठित कर कर दिया जाए तो नगर पालिका टाण्डा की जेई के साथ ही जो भी लोग इस सरकारी धन के बंदरबांट में लगे हुए है सबकी परत दर परत खुलकर सामने आ जायेगी ऐसी चर्चा नगर की हर चाय पान की दुकानों पर हो रही है।