सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं माँ दुबौली देवी

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सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं माँ दुबौली देवी

अवधनामा संवाददाता

कुशीनगर। नगर पंचायत कप्तानगंज से पिपराइच जाने वाले मार्ग के ग्राम सभा बसहिया उर्फ कप्तानगंज में स्थित सिद्ध पीठ माता दुबौली मंदिर में वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। खास कर चैत रामनवमी व शारदीय नवरात्रि में तो  तिल रखने का जगह नहीं रहता है। नवमी के दिन पूरा परिसर भक्तों का विशेष पूजा पाठ होता है।माता जी के विषय में  अनेक लोक कथाएं और किदवंतीय प्रचलित हैं।इस स्थान पर आज से सैकड़ों वर्ष पहले घना जंगल हुआ करता था। जिसके बीच में एक डीह की स्थापना कर थारू समाज के लोग पूजा अर्चना करने लगे। कहा जाता है कि नवरात्रि के समय तेज बारिश के बीच एक तेजस्वी महिला का आगमन हुआ तो थारू डर गए ,लेकिन वह देवी थारुओं से कहीं कि तुम डरो नही मैं आदि शक्ति देवी हूँ। मेरी यहीं स्थापना कर पूजा करो जो सच्चे मन से मन्नत मांगेगा उसकी मनोकामना पूरी होगी। यह सुन थारू बहुत प्रसन्न हुए।वे तीन पिंडी बना कर पूजा पाठ प्रारम्भ कर दिए।जिस स्थान पर इस समाज के लोगों ने पिंडी व चबूतरा बना रखा था आज वहां भव्य विशाल मंदिर आमजन के सहयोग से बन गया है। जहां भक्ति भाव के अलावा उपनयन संस्कार, शादी विवाह व अन्य शुभ कार्य रोज होता है। पुजारिन लक्ष्मी देवी व शैलेन्द्र मिश्र इस मंदिर का देख रेख आज तीन दशक से करते आ रहे हैं। माता दुबौली मंदिर के अलावा अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित है तो वहीं यज्ञशाला, धर्मशाला भी स्थापित है।