माइनर का गेट टूटा, सैकड़ों बीघा किसानों की फसल जलमग्न

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माइनर का गेट टूटा, सैकड़ों बीघा किसानों की फसल जलमग्न
अवधनामा संवाददाता 

सोहावल-अयोध्या।सोहावल तहसील शारदा सहायक नहर कोटडीह सरैया माइनर का फाटक दो दिन पूर्व टूट जाने से दक्षिणपारा ग्राम सभा,रोहली वनपुकरा आदि गाँवो के किसानों की फसल जलमग्न हो गयी। नहर विभाग द्वारा सारंगा पुर विसौली के बीच डेरामूसी जाने वाली माइनर का साईफन का निर्माण नही होने से रतन पुर बदौली सारांगापुर, करेरु, रहीम पुर बदौली, आदि के किसानों की सैकडो वीघा गेहूँ की फसल जलमग्न हो गयी। स्थानीय पीडित किसानो का आरोप है कि विगत कई वर्ष से शारदा सहायक नहर से कोटडीह सरैया  दक्षिणपारा रोहली बदन का पुरवा भैरव पंडित का पुरवा टडवा होते हुए मडहा को जाने वाली माइनर का गेट जर्जर था। बीते मंगलवार की रात टूट गयी।  सारांगापुर विसौली के बीच टूटे साईफन का निर्माण कार्य एक साल बाद भी पूरा नही होने से गोडवा जाने वाली डेरामूसी माइनर पानी का उफान होने से किसानो की फसले बर्बाद हुई हैं। मामले की  सीचपाल सहित आलाधिकारियो को ठीक कराकर फसलो को जलमग्न होने से बचाने की गुहार लगाई। बावजूद इसके कोई कार्यवाही नही होने से मंगलवार की रात कहर बनी बोई फसल जलमग्न हो जाने से किसानो के लिए बडी समस्या खडी हो गयी है। इस बाबत अवर अभियंता ने बताया कि नहर मे पानी का उफान होने के कारण स्थिति उत्पन्न हुई है। पानी के बहाव को रोककर माइनर ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन समय रहते शिकायतो पर कार्यवाही क्यों नही हुई को लेकर कोई भी अधिकारी जबाब देने को तैयार नही है।