राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में राज्यमंत्री व सदर विधायक ने किया संबोधित

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा पोषण उत्सव समारोह का आयोजन

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राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में राज्यमंत्री व सदर विधायक ने किया संबोधित

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अन्तर्गत आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण उत्सव समारोह का आयोजन शासकीय ऑडीटोरियम सभागार में जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि एवं सदर विधायक रामरतन कुशवाहा विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों के द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं 06 माह पूर्ण कर चुके नवजात शिशुओं का अन्नप्रासन भी कराया गयाजिसके उपरान्त राष्ट्रीय पोषण माह के तहत माह सितम्बर में आयोजित गतिविधियों की झलकिंया एल0ई0डी0 स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की गईं। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी तालबेहट ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सितम्बर माह में 01 से 07 सितम्बर तक पोषण वाटिका एवं पौधारोपण08 से 15 सितम्बर तक सुपोषण के लिए योगा एवं आयुष का महत्व16 से 23 सितम्ब तक स्थानीय खाद्य पदार्थजन जागरुकता एवं अनुपूरक पोषाहार का वितरण तथा 24 से 30 सितम्बर तक सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन एवं पौष्टिक भोजन हेतु जागरुकता आदि कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रीय पोषण माह के तहत माताओं एवं बच्चों के पोषण की स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2018 में पोषण माह का शुभारंभ किया था। यदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इन गर्भवती महिलाओं की सेवा में अपना सहयोग प्रदान करेंगीतो निश्चित रुप से आपको व आपके परिवार को इस कार्य का पुण्यफल प्राप्त होगा। पोषण व्यक्ति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। जैसे स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता हैठीक उसी प्रकार दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों का होना आवश्यक है। जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वह तुरंत मुझे अवगत करायें। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पोषण ही जीवन का आधार हैमहिलाओं के गर्भ धारण करते ही आपकी भूमिका तय हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती हैजिस कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के द्वारा गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली दी जाती है। बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य का दायित्व माताओं पर निर्भर करता हैइसलिए सरकार महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसव के दौरान उचित पोषक आहार  के अभाव में स्वास्थ्य की हानि हो जाती हैमहिलाओं को यदि गर्भावस्था के दौरान आयरन की दवाएं दी जाती हैं तो उन्हें पोषक तत्वों की कोई कमी नहीं होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गांव-गांव जाकर इन आयरन की गोलियों का सेवन करने हेतु महिलाओं को जागरुक करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं के गर्भ धारण करने से लेकर प्रसव तक 05 हजार रु0 की धनराशि पौष्टिक आहार हेतु उनके बैंक खातों में भेजी जाती हैमहिलाएं इस धनराशि का सदुपयोग करें। इसके उपरान्त जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2018 से प्रत्येक वर्ष सितम्बर माह में बच्चोंकिशोरियों एवं महिलाओं में पोषण के स्तर में सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। इस वर्ष भी 01 से 30 सितम्बर तक चतुर्थ राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा 0-6 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती व धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में समयबद्ध तरीके से कमियों को दूर करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नवनिर्मित आंगनबाड़ी केन्द्रों की डेमो चाभी एवं ड्राई राशन किट का वितरण किया गया।