रेलवे पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों के साथ महाप्रबंधक की बैठक उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित

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  रेलवे पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों के साथ महाप्रबंधक की बैठक उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित

अवधनामा संवाददाता


प्रयागराज :   उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में रेलवे पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों जिनका कार्यक्षेत्र उ.म.रे. परिक्षेत्र  में पड़ता है उनके साथ बैठक का आयोजन  हुआ।
बैठक में  फर्रुखाबाद और फूलपुर के माननीय सांसदों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ और उन्होंने हाल के दिनों में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा किए गए कार्यों की सराहना के साथ ही आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी दिए।
 सांसद फूलपुर  केसरी देवी पटेल, ने अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया। उन्होंने पूर्व में बंद किए उत्तर रेलवे के दयालपुर स्टेशन को फिर से खोलने को कहा।  महाप्रबंधक ने उन्हें आश्वासन दिया कि आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तर रेलवे को मांग से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने ऐसे मार्गों पर एलएचएस कार्यों को पूरा करने का मुद्दा भी उठाया जहां दोहरीकरण का काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने लखनऊ के लिए शताब्दी जैसी सुपरफास्ट ट्रेन चलाने की भी मांग की। माननीय सांसद ने यह भी बताया कि कुछ स्टेशनों पर अनधिकृत वेंडिंग की शिकायतें प्राप्त हुई हैं इन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुकेश राजपूत माननीय सांसद, फर्रुखाबाद ने कालिंदी एक्सप्रेस के नीबकारोरी स्टेशन पर ठहराव की मांग की। उन्होंने फर्रुखाबाद की नई दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी की भी मांग की।  राजपूत ने मैनपुरी के रास्ते फर्रुखाबाद से इटावा के लिए नई ट्रेन की भी मांग की ।
इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक  प्रमोद कुमार ने माननीय सांसदों को अवगत कराया कि, “कोविड-19 वैश्विक महामारी से सम्पूर्ण विश्व ग्रसित था पर इस त्रासदी में भी उत्तर मध्य रेलवे द्वारा केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के कोविड गाईड लाईन का पालन करते हुये रेल कर्मचारियो द्वारा अपनी जान की परवाह न करते हुए भी रेल यात्रियो को यथा संभव सुविधाए प्रदान की गई। मुझे खेद है, कि कोविड 19 महामारी के कारण  उत्तर मध्य रेलवे के 156 रेल कर्मियों का दुखद निधन हुआ है जिनमे से अधिकतर कर्मचारी फ्रंट लाइन स्टाफ थे।“
उन्होंने बताया कि, जिस वक़्त सामान्य यात्रियो के लिए सभी गड़िया बंद कर दी गई थी उस वक़्त श्रमिकों तथा किसानो को उनके गंतव्य तक पहुचाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा 1283 श्रमिक स्पेशल गाड़ियों का संचालन किया गया जिसमें लगभग 13 लाख यात्रियों को खान–पान  की सुविधाये प्रदान की गई।
कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के द्वारा महत्वपूर्ण स्टेशनों के प्रवेश एवं निकास द्वार पर यात्रियों की शत-प्रतिशत थर्मल स्कैनिंग को सुनिश्चित किया गया तथा हैण्ड सैनिटाइजर मशीन, मास्क डिटेक्टर, बैग सैनिटाइजर मशीन एवं कोविड प्रीकाशन किओस्क आदि लगाये गये।  
इसी क्रम मे यात्रियो तथा स्टाफ की कोरोना से बचाव हेतु प्रयागराज स्टेशन पर कांटेक्ट  लेस्स  टिकिट चेकिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई जो की भारतीय रेल मे अनूठा और पहला प्रयोग था।
उत्तर मध्य रेलवे  के बड़े स्टेशनो पर कोरोना की  जांच की व्यवस्था, जिला प्रशासन के समन्वय से की गई ,तत्पश्चात वित्तीय वर्ष 2021-2022 में भी उत्तर मध्य रेलवे  उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। यह क्षेत्रीय रेलवे, रेलवे बोर्ड के द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को बेहतर ढंग से प्राप्त करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है।
महाप्रबंधक ने अपने संबोधन में  यात्री सुविधाओं, सुरक्षा,  सफाई व्यवस्था आदि पहलुओ के बारे में विस्तार  से बताया। उत्तर मध्य रेलवे के अर्जन के संबंध में बोलते हुए  प्रमोद हमार ने बताया कि,   वर्तमान वित्तीय वर्ष मे सितम्बर माह तक इस रेलवे  ने लगभग सवा दो करोड़ यात्रियो का परिवहन करते हुए 758 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना मे 443% अधिक है। महाप्रबंधक महोदय ने उत्तर मध्य रेलवे द्वारा भारतीय रेल में पहली बार एसी 3 टियर इकॉनोमी कोच के संचालन के विषय में भी जानकारी प्रदान की।  
बैठक के अंत में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक  एम.एन. ओझा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में कार्यवाही का संचालन उप महाप्रबंधक/जी  मन्नू प्रकाश दुबे ने किया।