भाईचारा सौहार्द स्थापित करने को आर्थिक समानता आवश्यक- पन्त

कई विभूतियों को मिला सामाजिक सहभागिता सम्मान
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भाईचारा सौहार्द स्थापित करने को आर्थिक समानता आवश्यक- पन्त

अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी। गांधी समाज में अराजकता के विरोधी थे और वह समाज में इस तरह का माहौल चाहते थे जो रामराज्य के समान हो। समाज में भाईचारा और सौहार्द स्थापित करने के लिए आर्थिक समानता आवश्यक है। 
यह बात गांधी भवन में गांधी जयन्ती सप्ताह के समापन पर लखनऊ से आए बीएसएनएल के उपमहानिदेशक महीधर पंत ने कही। इस मौके पर मुख्य अतिथि महीधर पंत ने फिल्म निर्माता और निर्देशक आदित्य ओम, सभासद देवेन्द्र प्रताप सिंह ‘ज्ञानू’, शिक्षाविद् विजय प्रताप सिंह, पर्यावरणविद् हाजी सलाउद्दीन किदवई, समाजसेवी विनय कुमार सिंह को सामाजिक सहभागिता सम्मान से सम्मानित किया गया।
फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक आदित्य ओम ने कहा कि महात्मा गांधी ने शरीर में आत्मा डालने का काम किया। समाजसेवी वामिक रफीक वारसी ने कहा कि गांधी अहिंसा के समर्थक थे। वे हिंसा और हिंसात्मक गतिविधियों का विरोध करते थे। गांधीवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कहा कि गांधी जी के लिए बिना स्वदेशी के स्वराज की कल्पना दूभर थी। गांधी जी का मूल सीख सत्य और अहिंसा थी। सत्य और अहिंसा के उनके दर्शनों को समझे बिना कोई भी गांधी को नहीं समझ सकता है। यह विचार भारतीय चिंतन और दर्शन से आज भी अनुकरणीय है। 
सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष मो. उमेर किदवई ने कहा कि गांधी जैसी शख्सियत सदियों में एक बार पैदा होती है। गांधीवादी विचारधारा और दर्शन के प्रति लोगों की आस्था अभी बनी हुई है। इस मौके पर महात्मा गांधी स्पोर्टस क्लब द्वारा आयोजित हॉकी प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को ट्रैक सूट व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं कैरम प्रतियोगिता के विजेता व उप विजेता खिलाड़ियों सहित मुख्य अम्पायर परवेज अख्तर को मोमेंटो देकर सम्मानित कया गया। कार्यक्रम का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। मुख्य रूप से हॉकी के राष्ट्रीय खिलाड़ी संजय तिवारी, प्रसपा नेता धनंजय शर्मा, प्रसून जोशी, हाजी सलाउद्दीन किदवई आदि मौजूद रहे।