रंग ला रहा है जनपद में कुपोषण मुक्ति अभियान : 1348 बच्चे कुपोषण मुक्त

स्वास्थ विभाग एवं बाल विकास विभाग के बेहतर तालमेल से आ रहे सार्थक परिणाम

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रंग ला रहा है जनपद में कुपोषण मुक्ति अभियान : 1348 बच्चे कुपोषण मुक्त  

अवधनामा संवाददाता 

ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास के बेहतर तालमेल से बच्चों में कुपोषण की समस्या तेजी से दूर होती दिख रही है। नवंबर में 1348 बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। वहीं अधिकारियों के मुताबिक यह समस्या जागरूकता से और तेजी कम की जा सकती है। बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व बाल विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों का वजन लिया जाता है। इस दौरान बच्चों का वजन और ऊंचाई का मूल्यांकन करते हुए श्रेणी तय की जाती है। जिन बच्चों का वजन डब्ल्यू.एच.ओ के ग्रोथ चार्ट के हिसाब से कम मिलता है। उन्हें कुपोषण की श्रेणी में रखा जाता है। नवंबर में 1683 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इसमें कुपोषण के मानकों पर पोषाहार एवं एनआरसी के लिए बच्चे चयनित किये जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि नवंबर माह में 1683 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया। इनका वजन कम था। इनसे से 1348 बच्चों को अतिरिक्त आहार दिया गयाजिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। इसके अलावा 270 बच्चों को एनआरसी भर्ती किया गया,जो मेडिकल उपचार पाकर स्वस्थ हो गए हैं। शेष बच्चों को भी एनआरसी भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही हैजिन बच्चों का वजन डब्ल्यूएचओ के ग्रोथ चार्ट में दर्शाए मानक से कम पाया जाता हैऐसे बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अलावा जिन बच्चों को चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता होती हैउन्हे एनआरसी भेजा जाता है। एनआरसी से डिस्चार्ज होने के बाद एक माह तक आंगनबाडी कार्यकर्ता व एएनएम द्वारा बच्चों का फालोअप भी किया जाता है। इस समय जिले के प्रत्येक ब्लाक मे एनआरसी संचालित हैइनमें जिला अस्पताल में दस व ब्लाक स्तर पर छहदृ छह बेड की व्यवस्था है। कुपोषित बच्चों को आवश्यकतानुसार एनआरसी में भर्ती कराया जाता है। नर्सिंग अधिकारी शाहवाज खान ने बताया कि दिसम्बर माह में केवल दस बच्चे आएइनमें से पांच बच्चे इलाज कराकर घर जा चुके हैं। एनआरसी में भर्ती होने वाले बच्चे को निशुल्क उपचार दिया जाता हैइसके साथ ही भोजन भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। बच्चे के साथ मां या परिवार के किसी एक सदस्य  के लिए भी भी एनआरसी में निशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाती है।

जिला अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती ग्राम नदनवारा निवासी एक वर्षीय शिवांश को रक्त की कमी हो गई थीसाथ ही इंफेक्शन भी हो गया था। है। इस पर उसे रक्त चढ़ाया गया। इन्फेशन समाप्त करने के लिए तीन इंजेक्शन लगाया गए जो की वर्तमान म उपचार पाकर तेजी से ठीक हो रह है। शिवांश की दादी व मां साथ में हैं। बच्चे को दूध,खिचडी व दलिया खाने में दिया जा रहा है। मोहल्ला  घुसयाना निवासनी एक वर्षीय अनाविया का वजन 6.300 ग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर एनआरसी में भर्ती कराया गया जिसके उपरांत उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। बच्ची का वजन 7.500 ग्राम हो गया है।