भगवान श्रीकृष्ण के योग एवं कर्मयोग को जीवन मे उतारना होगा : भवदेव शास्त्री

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भगवान श्रीकृष्ण के योग एवं कर्मयोग को जीवन मे उतारना होगा : भवदेव शास्त्री

अवधनामा संवाददाता

 

महरौनी,ललितपुर। महर्षि दयानंद सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज महरौनी के तत्वावधान में संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य द्वारा आयोजित साप्ताहिक गीता प्रवचन महोत्सव के दौरान कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ज़ूम एप पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए वैदिक विद्वान आचार्य भवदेव शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति के दो पुरोधा हैं। एक भगवान राम और दूसरे भगवान कृष्ण यह दोनों ही महापुरुष हमारी भारत की आंखें हैं। भारतीय संस्कृति ,वैदिक परंपरा को यदि हम समझना चाहते हैं, तो हमें राम और कृष्ण के जीवन को और उनके उपदेशों को समझना होगा। जन्माष्टमी का यह पावन पर्व तभी हम सार्थक रूप से मना सकते हैं जब भगवान कृष्ण के बताए हुए योग  व कर्म योग के मार्ग पर चलें। पुरुषार्थ करते हुए अपने देश की समृद्धि को बढ़ाएं  ।योग के माध्यम से अपने शरीर को स्वस्थ रखेंअपने मन और बुद्धि का विकास करें। गुरुकुल पौंधा देहरादून के आचार्य शिवदेव शास्त्री ने  कहा  कि भगवान कृष्ण ने गीता के माध्यम से हमें कहा है कि सभी प्राणी उस ईश्वर की संतान है मानव मानव में किसी प्रकार का कोई भेद नहीं होता ।

वेविनार को सफल बनाने में आर्य समाज के प्रधान मुनि पुरुषोत्तम वानप्रस्थ,डॉ राजेन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव प्राचार्य करकरुआसाई संस्था अजय कुमार श्रीवास्तव पत्रकारध्यान सिंह यादव एवं पारसमणि पुरोहित मिदरवाहामहिपत सिंह निरंजन एडीओ पंचायतरामसेवक निरंजन शिक्षक जिलाध्यक्षशिवकुमार यादव बिजौरअवकाश मिश्रा भारतीय सैनिकशिव दत्त सेनचन्द्रभान सेन राज्यपाल पुरुष्कृत शिक्षकश्रीराम सेन पत्रकारजयनारायण आर्यडॉ श्री ओम सेन मेरठ आदि का विशेष सहयोग रहा। संचालन आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवं आभार ध्यान सिंह यादव मिदरवाहा ने जताया।