मरौली के मौरंग खंडो का विवाद , कहीं जान ना ले ले

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 मरौली के मौरंग खंडो का विवाद , कहीं जान ना ले ले

अवधनामा संवाददाता

बाँदा , मरौली के मौरंग खंड में कभी भी हो सकती हैं खूनी गैंगवार , किसानों की कृषि योग्य भूमि रौंदकर ट्रक निकालने के आरोप लगातार बढते जा रहे हैं जबकि प्रशासन पूर्व की भांति मूक बना हुआ है । अभी कुछ दिनो पूर्व मरौली के ग्रामीण इंद्रपाल ने भी प्रशासनिक अधिकारियों सहित मीडिया को बताया था कि किस प्रकार उसकी जमीन से अवैध रूप से ओवरलोड ट्रक निकाले जा रहे हैं जिससे उसकी कृषि योग्य भूमि नष्ट हो रही है , अब इसी कडी मे मरौली के दिनेश साहू ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है जिसमें उसकी जमीन से ट्रक निकाले जा रहे हैं और शिकायत करने पर पैसे लेकर शांत बैठने का दबाव बनाया जा रहा था जिसने उसे अस्वीकार कर दिया और अब उसके खेत से बंदूक की दम पर अवैध परिवहन किया जा रहा है और शिकायत करने पर जान से हाथ धो बैठने की धमकी दे रहे हैं और यह सब मौरंग संचालकों की दम पर हो रहा है ।

मरौली के प्रधान प्रतिनिधि मनोज यादव ने भी इससे सहमति जताते हुये ग्रामीणों को प्रशासन के पास जाने की  सलाह दी है ।  पूर्व मे खदानों पर संदेहास्पद मौंतों का आंकडा भी इस बात का साक्षी है कि इन मौरंग खदानों मे भी सबकुछ ठीक नही चलता है कुछ ना कुछ गैरकानूनी चलता है जिसको अवैध असलहों की दम पर अंजाम दिया जाता है ।

इन खदानों मे क्षेत्रीय असलहाधारी ग्रामीणो के साथ साथ बडी मात्रा मे अवैध असलहे भी देखने को मिलते हैं जिनके दम पर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जाता है अगर पुलिस और प्रशासन एक साथ खदान मे छापामारी करें तो नाजायज असलहों और कारतूसों की बडी खेप मिल सकती है ।