जमशिला प्रधानप्रतिनिधि ने एनसीएल बीना व बीजीआर प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये

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जमशिला प्रधानप्रतिनिधि ने एनसीएल बीना व बीजीआर प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये

अवधनामा संवाददाता 

सोनभद्र/ शक्तिनगर(Sonbhadra Shaktinagar) जमशिमा ग्राम पंचायत के प्रधानप्रतिनिधि कमलेश सिंह ऊर्फ पप्पू सिंह ने एनसीएल बीना व बीजीआर डेको प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के कथित गंभीर आरोप लगाये है जिसे उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है। जमशिला प्रधानप्रतिनिधि कमलेश सिंह ऊर्फ पप्पू सिंह के मुताबिक एनसीएल बीना प्रबंधन की मिलिभगत से बीजीआर डेको संघ अपने रहवासी कैंप में निवासरत लोगों के लिए प्रतिमाह लाखों रुपये की लागत का कोयला खाना बनाने के लिए उपयोग करता है जिस वजह से भारत सरकार को लाखों रुपये का चुना लग रहा है।  वनविभाग व एनसीएल अधिकारियों की मिलिभगत से हजारों हरे वृक्ष काटकर रहवासी कैंप में उपयोग करने के अलावा बीजीआर डेको के अधिकारी धीरज उपाध्याय कैंप के अन्दर दूकान संचालित कर रहे है जिसका पैसा यूपीआई (फोन पे) के माध्यम से उन्हीं के खाते में जाता है। बीजीआर डेको डीजीएमएस माइनिंग नियमों की धज्जियां उडाकर एनसीएल प्रबंधन की मिलिभगत से ओवरलोड वाहनों का संचालन कराता है। प्रधानप्रतिनिधि का कहना है की जब मै इन सब भ्रष्टाचारो के खिलाफ आवाज उठाता हूं तो एनसीएल प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा मौखिक रुप से धमकाया जाता है की तुम्हें जेल भेज दिया जायेगा। एनसीएल व बीजीआर प्रबंधन पहले से ही स्थानीय विस्थापितों व प्रभावितों आपसी साठगांठ से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार से वंचित कर रखा है और अब आवाज उठाने वाले को भी डराने धमकाने का काम कर रहा है । इससे पहले कंपनी के कार्तिक सिंह अनपरा के पत्रकार को भी गंभीर धमकियां दे चुके है। उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र एसपी कोयला मंत्री माननीय मुख्यमंत्री का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया ।