केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की 23-24 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल को आईआरईएफ का समर्थन

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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की 23-24 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल को आईआरईएफ  का समर्थन
अवधनामा संवाददाता 

प्रयागराज । विगत 19 दिसम्बर ,2021को इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी(सी डब्ल्यू सी)की महत्वपूर्ण बैठक रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में संपन्न हुई। बैठक के मुख्य अतिथि  आल इण्डिया सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस(एक्टू) के राष्ट्रीय महासचिव कॉम. राजीव डिमरी  एवम् अध्यक्षता  कॉम.  रबी सेन सम्मानित अध्यक्ष ने और  संचालन कॉम. जुमेरदीन, संगठन सचिव ने किया।  बैठक  में इंडियन रेलवे।इम्प्लाइज फेडरेशन के  राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉम मनोज पाण्डेय , महासचिव कॉम सर्वजीत सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष कॉम अमरीक सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉम डॉ कमल उसरी, कॉम राजेंद्र पाल, किशानु भट्टाचार्य,  कृष्ण कुमार, उम्मेद सिंह चौहान, मृत्युंजय कुमार, संजय तिवारी,  संजीव सक्सेना, संतोष पासवान, मनीष हरिनंदन, रतन चंद,  हरिकेश, चंद्रभान, भरत राज, रमेश कुमार आदि सहित रेलवे के 13 जोनों से सीडब्ल्यूसी के सदस्य उपस्थित रहे ।
प्रेस को जानकारी देते हुए IREF के अध्यक्ष अध्यक्ष कॉम. मनोज पाण्डेय व महासचिव कॉम. सर्वजीत सिंह ने संयुक्त रूप से  कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से ऐक्टू सहित देश भर की 12 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की तरफ से प्रस्तावित 23 - 24 फरवरी 2022 की आम हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया गया तथा नई पेंशन स्कीम, रेलवे निजीकरण, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइप लाइन योजना रेलवे में 100% एफडीआई, पीपीपी मॉडल लागू करने, श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के पक्ष में बदलाव करने के खिलाफ तथा नई भर्ती आदि की मांग को लेकर ऑनलाइन  हस्ताक्षर अभियान शुरू करने, ब्रांचों, डिवीज़नों, जोनों में जन-अभियान चलाने और मार्च 2022 में दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने का फैसला किया गया है।
ट्रेड यूनियन नेताओं  ने आगे कहा कि भारतीय रेलवे पर निजीकरण के गहरे संकट मंडरा रहे हैं, केंद्र सरकार भारतीय रेलवे को टुकड़ों में बांटकर दुनिया भर के पूंजीपति लुटेरों को सौंपना चाहती है, इसीलिए कर्मचारियों की भर्ती से इंकार कर ठेकेदारी, आउटसोर्सिंग आदि को बढ़ा कर यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा। श्रम कानूनों पर कुठाराघात कर किया जा रहा है। ऐसी नीतियों के खिलाफ फेडरेशन पूरी शिद्दत के साथ संघर्ष की तैयारी में है। उन्होंने रेलवे के सभी संगठनों को एक मंच पर आने की अपील करते हुए कहा कि इतिहासिक किसान आंदोलन व उसकी जीत ने हमें एकजुट होकर लड़ने की शिक्षा दी है और इसी रास्ते पर चलकर ही हम कर्मचारी अपने आप को, देश के लोगों को तथा देश को बचा पाएंगे। अन्यथा आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।।