सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेवलपमेंट प्रयागराज में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

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सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेवलपमेंट प्रयागराज में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

अवधनामा संवाददाता


प्रयागराज :  सोसायटी ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेवलपमेंट प्रयागराज में दिनांक 19 दिसंबर 2021, दिन रविवार ,को इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी ट्रेन्डस इन एग्रीकल्चरल, रूरल एंड एनवायरमेंटल डेवलपमेंट नामक विषय पर इंटरनेशनल वेब  कॉन्फ्रेंस  का शुभारंभ हुआ । इस कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत डॉ ज्योति वर्मा ,असिस्टेंट प्रोफेसर, जंतु विज्ञान विभाग ,सीएमपी कॉलेज ,प्रयागराज ने किया । इस कॉन्फ्रेंस की संपूर्ण रूप रेखा डॉ हेमलता पंत ,आयोजक सचिव ,इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ने दी। इस कार्यक्रम में चार आमंत्रित व्याख्यान हुए । प्रथम व्याख्यान प्रोफ़ेसर विनय कुमार चक्रवर्ती( , पूर्व निदेशक  बांग्लादेश कृषि विश्वविद्यालय बांग्लादेश)  ने बायोडायवर्सिटी एंड कंजर्वेशन स्टेटस सुंदरवन मैंगो इकोसिस्टम पर देते हुए बताया कि जैव विविधता की बहुत महत्व है हमें जैव विविधता को सुरक्षित करना है।
इस कार्यक्रम मैं दूसरे वक्ता प्रोफ़ेसर श्याम नारायण लाभ (अध्यक्ष ,त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू, नेपाल )का फूड सिक्योरिटी सस्टेनेबल लाइवलीहुड एंड रूरल डेवलपमेंट एक्वाकल्चर पर आमंत्रित व्याख्यान हुआ । इन्होंने बताया कि एक्वाकल्चर की विभिन्न तकनीकी किस प्रकार ग्रामीण विकास एवं संवर्धन एवं टिकाऊ कृषि हेतु महत्वपूर्ण होती हैं।
इस कार्यक्रम के तीसरे वक्ता प्रोफ़ेसर सी नादिर  सोलक( दुमलुपिनर यूनिवर्सिटी, टर्की) ने अल्पाइन एनवायरनमेंटस एंड साइक्लोफिल  डाइटम्स नामक विषय पर अपना आमंत्रित व्याख्यान देते हुए बताया कि आइटम्स के के विभिन्न रूप किस प्रकार क्लाइमेट चेंज और उनकी मार्क लॉजी को प्रभावित करते हैं डाइटम्स भविष्य में ऊर्जा के महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं।
इस कार्यक्रम के चौथे वक्ता डॉ ए अरुणाचलम (निदेशक सेंट्रल एग्रोफोरेस्ट्री रिसर्च इंस्टीट्यूट, झांसी )ने अपने व्याख्यान में कृषि वानिकी से किस प्रकार मानव लाभान्वित होते हैं उस पर विस्तार से चर्चा की।
इस कार्यक्रम का संचालन डा भाग्यश्री, विनी जॉन एवं अर्चना राय ने तथा धन्यवाद ज्ञापन पीयूष रमन पांडे, डॉक्टर पल्लवी राय, डॉक्टर कीर्ति राजे ,डॉ भावना श्रीवास्तव, डॉक्टर संदीप कुशवाहा ने दिया।
इस कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर कृष्णा मिश्रा, प्रोफेसर डीबी सिंह, डॉ अरुण एस निनावे ,डॉ नीरजा कपूर ,उमा रानी अग्रवाल ,डॉक्टर अर्चना पांडे ,डॉक्टर अमिता पांडे, डॉक्टर देवेंद्र स्वरूप डॉक्टर ,आदेश वर्मा डॉ मनोज कुमार सिंह , अमित मौर्या सहित देश विदेश के 200 से अधिक वैज्ञानिक शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।