योगी जी के राज मे गौशालाओं को बजट नही पर अधिकारी मालामाल है ~

मुख्य पशु चिकित्साअधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी सरकार पर डाली , गौशालाओं का निरीक्षण करने मे भी करते हैं परहेज

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योगी जी के राज मे गौशालाओं को बजट नही पर अधिकारी मालामाल है ~

अवधनामा संवाददाता 

बाँदा  जहां समूचे प्रदेश मे शीतलहर प्रारम्भ हो रही है वहीं अभी तक गौशालाओं मे गायों और गौवंशों को ठंड से बचने और बारिश से बचने के कोई भी इंतजाम अभी तक नही किये गये ,  और इंतजाम हों भी कहां से जब गौसंचालकों को ही शासन की ओर से धनराशि नही मिल रही है ऐसै मे यदि गौवंश बीमार अथवा मृत हो जाता है तो जिम्मेदारी सिर्फ संचालको पर ही नही थोपी जानी चाहिये , इसके लिये सरकारी मशीनरी भी जिम्मेदार होनी चाहिये ।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सबसे बडे वायदो मे गौशालाओं मे गौवंशो को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना था परंतु जनपद बाँदा के शहर मुख्यालय से सटे गांवो मे जब गौवंश सुरक्षित नही हैं तो फिर उनको अपने हाल पर छुट्टा घूमने देना चाहिये । पूरे जनपद मे कान्हा गौशालाये हैं और प्रत्येक ग्राम प्रधान के निर्देशन मे गौशालायें संचालित हो रही है परंतु कई गौशालाओं को मार्च से अभी तक धनराशि का आवंटन ना होने से संचालको के सामने उन्हे दाना पानी देने की भीषण समस्या उत्पन्न हो रही है , ऐसे मे सरकारी सिस्टम पर उंगली उठना सामान्य बात है क्योकि गौशाला संचालको के पास सैंकडो गायों को खिलाने और उन्हे सुविधाये देने के लिये धन ही नही है जबकि मुख्य पशु चिकित्सक एस पी सिंह महोदय अपने विभाग मे बैठकर इत्मीनान से बताते है कि जब शासन से धनराशि आयेगी तभी बांटी जायेगी पूर्व मे भी जब आयी थी तब बांटी गयी थी अभी धनराशि मांगी गयी है जब सरकार से आयेगी तो बांटी जायेगी । जबकि जनपद के तेज तर्रार जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों मे चिकित्सको की जिम्मेदारी तय कर दी थी कि यदि गौवंशो के साथ लापरवाही होगी तो संबंधित पशु चिकित्सक की जिम्मेदारी मानी जायेगी , ऐसे मे क्या माना जाये कि जिलाधिकारी महोदय के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं जनपद के पशु चिकित्सक ।