एनटीपीसी सिंगरौली में कवि सम्मेलन के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया

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एनटीपीसी सिंगरौली में कवि सम्मेलन के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया  ।

अवधनामा संवाददाता 

 सोनभद्र/शक्तिनगर एनटीपीसी-सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन में  हिन्दी दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । हिन्दी दिवस के अवसर  पर स्टेशन प्रमुख  बसुराज गोस्वामी ने अपने विचार रखते हुए सभी को हिन्दी दिवस की बधाई दी तथा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों से अपने कार्यालयीन कामकाज हिन्दी में काम करने का निर्देश दिया। उन्होने हिन्दी भाषा की सरल -सहज अभिव्यक्ति की चर्चा करते हुए हिन्दी भाषा  को  एकता की कड़ी एवं संवाद का सबसे मजबूत माध्यम बताया । इस अवसर पर  वि.शिवा प्रसाद, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन ने राजभाषा के विकास में काव्य मंच के योगदान पर विचार रखते हुए कार्यक्रम से  जुड़ने के लिए सम्मानित कविगण का अभिनंदन किया ।  माइक्रोसाफ़ट टीम्स के माध्यम से आयोजित कवि  सम्मेलन में डा0 योगेन्द्र मिश्र , एनसीएल खड़िया के वरिष्ठ प्रबंधक -  पाणि पंकज पाण्डेय, डा0विजेन्द्र कुमार शुक्ल, प्रबंधक योजना एवं पद्धतिए,  शोभनाथ सिंह यादव अभियन्ता प्रचालन,  रवीन्द्र मिश्र, ने अपने ओजस्वी काव्य कृति से श्रोताओं को खूब आनंदित किया । 
कवि सम्मेलन आरंभ पूर्व कवि मंत्र की परंपरानुसार  रवीन्द्र मिश्र ने “वाणी वंदना के रूप में वर दे वीणा वादिनी वर दे एवं तू जिंदगी में सिर्फ यही काम किए जा आराम किए जा आराम किए जा तथा भूतकाल भी दूर है भविष्य है दूर वर्तमान पास है इसे जिए भूरपूर”, सुनाकर श्रोताओं को जीवन जीने की कला का बोध कराया।  शोभनाथ सिंह यादव ने सबसे सरल हिन्दी कविता का वाचन करते हुए एनटीपीसी पर आधारित काव्य पाठ किया ।  पाणि पंकज पाण्डेय ने भगवान राम के जीवन चरित्र को केन्द्रित कविता “जीवन पथ पर मोल नहीं है थक कर थमने वालो का कर्म पथ बढ़ा चले जो जीवन उन मतवालों का तथा कांटों पर भी फूल सदृश, जो चले वो सच्चा ज्ञानी है, पौरूष का पर्याय वहीं वहीं रामचन्द्र का ज्ञानी है” सुना कर त्याग मय जीवन का संदेश प्रदान किया । 
वहीं डा0 योगेन्द्र मिश्र ने हिन्दी की अम्यर्थना में, “मै हिन्दी हूँ / मै सदियों का आवाह्न हूँ मै वर्तमान की पाती हूँ ।मै हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ। हिन्दुस्तान की थाती हूँ”,सुनाकर खुब सराहे गये । डा0 बृजेन्द्र शुक्ल ने “आइए हम सब मिल अनुबंध ये करें सौमनष्य से वैमन्सय की खाइयां भरे सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया”।   मंच  के माननीय अध्यक्ष  विनय कुमार अवस्थी अपर महाप्रबंधक तकनीकी सेवाएं ने राजभाषा पखवाड़ा के संवैधानिक पक्षों को रखते हुए “प्यार मातृभाषा के करना जैसे करते मां से प्यार,  बनी राजभाषा हिन्दी को हर संभव देना विस्तार । हिन्दी बोलो, उर्दू बोलो मगर बोलना मधुर वचन बोल रहे हो हिन्दी तो” कर शुद्ध उच्चारण का संदेश दिया । कार्यक्रम के आयोजक  ओमप्रकाश, वरिष्ठ प्रबंधक मा0 संसाधन-राजभाषा के आभार ज्ञापन से कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।