ललितपुर में जल्द खाद मुहैया कराने में जुटे आलाधिकारी

डीएम व मण्डलायुक्त रेलवे अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में

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डीएम व मण्डलायुक्त रेलवे अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में

अवधनामा संवाददाता 

ललितपुर। मण्डलायुक्त झांसी डा.अजय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में जनपद में खाद भण्डारण एवं वितरण हेतु आवश्यक बैठक कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिलाधिकारी द्वारा मण्डलायुक्त को अवगत कराया गया कि जनपद में 28 अक्टूबर 2021 तक 04 रैक खाद उपलब्ध हो जाएगीजिसमें आर.सी.एफ. की रैक काकीनाड़ा बन्दरगाह से चलकर नागपुर पहुंच चुकी हैजिसमें 1900 मी.टन खाद लदी हुई है। आई.पी.एल. की जो मुद्रापोर्ट से चलकर अहमदाबाद तक पहुंच चुकी हैउसमें 4100 मी.टन खाद लदी हुई है। इसके अलावा इफको की जो रैक पारादीप बंदरगाह से निकल रही है उसमें 2800 मी0टन खाद लदी हुई हैइसके अतिरिक्त देवरिया को भेजे जाने वाली आई.पी.एल. की खाद जिसकों मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा लगातार फॉलोअप करके ललितपुर के लिए डायवर्ट कराया गया हैउसमें 2800 मी0टन खाद लदी हुई हैजिसके कल देर रात तक ललितपुर पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में यह रैक मुगलसराय से चल चुका है। मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा रेवले के अधिकारियों से लगातार बात कर इन रेलगाडिय़ों के रुट क्लियर कराकर शीघ्र ललितपुर पहुंचने की व्यवस्था करायी जा रही है। इस प्रकार कल देर रात तक ललितपुर में 28 अक्टूबर 2021 से किसानों को पर्याप्त मात्रा में सभी दुकानों के माध्यम से खाद उपलब्ध हो सकेगी। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि जनपद की भूमि उर्वराशक्ति बनी रही हैइसके लिए उर्वरक की बहुत कम मात्रा लगभग 01 बोरी उर्वरक का ही प्रयोग करेंइससे उत्पादकता अच्छी होगी। चूंकि गेंहू की बुआई 15 नवम्बर के बाद प्रारंभ होती हैअत: गेंहू की बुआई के लिए खाद का भण्डारण न करें। गेंहू की बुआई के समय पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी। जनपद की कृषि पारिस्थिति को देखते अगर नवम्बर के द्वितीय सप्ताह में बुआई की जाये तो उत्पादकता अच्छी होगी। बैठक में मण्डलायुक्त ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मध्यप्रदेश में खाद सस्ती हैजिसके फलस्वरुप उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश खाद का अवैध आवागमन होता है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी भी थानाध्यक्ष के क्षेत्र से खाद का आवागमन होता हैतो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही यह भी संज्ञान में आया है कि खाद की दुकानों को समय से नहीं खोला जाता या बंद करके रखा जाता हैजिसके पीछे उनका उद्देश्य शासन निर्धारित दामों पर खाद को न बेचकर स्टॉक को होल्ड करके ब्लैकमार्केटिंग करने का होता है। इस पर उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारियों एवं को दायित्व है कि इस स्थिति को नियंत्रित करेंऔर स्टॉक को समय से वितरित करायें। साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाये कि खाद की दुकानें समय पर खुलेंऔर यदि दुकानदार सूचित करने के बाद भी दुकान नहीं खोल रहे हैंतो सम्बंधित दुकान का ताला तोड़कर खुलवाया जाये और एक कर्मचारी बैठाकर उपलब्ध खाद को पात्रता के आधार पर वितरित कराया जाये। यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ लोगों ने खाद को अपने गोदाम से हटाकर अन्य स्थान पर रख दिया हैऐसे लोगों को चिन्हित कर गोदाम सील कराये जायेंतथा उनका लाईसेंस रद करने की कार्यवाही की जाये। मण्डलायुक्त ने कहा कि चूंकि प्रशासन ने सख्ती रखते हुए मूल्य नियंत्रण कियाजिससे लोगों ने अपने गोदाम से माल हटा दिया ताकि भविष्य में वे खाद को अधिक दामों पर बेच सकेंऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जाए। कृषि विभाग के अधिकारियों को मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि लोगों के बीच इस बात का विश्वास पैदा करें कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। सभी ग्रामों में इसकी मुनादी भी करायें। उन्होंने कहा कि वे किसानों से यह भी अनुरोध करें कि भविष्य की आशंकाओं को ध्यान में रखकर खाद का भण्डारण न करें क्योंकि जनपद में खाद की आपूर्ति लगातार बनी हुई है। लेखपालों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से गांव-गांव में कृषि गोष्ठियां आयोजित कराकर किसानों के अंदर विश्वास पैदा करें कि आगे आने वाली फसलों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहेगीजिससे किसान भविष्य के लिए खाद का भण्डारण न करें। मण्डलायुक्त ने जनपद में कृषि परामर्श केन्द्र अथवा किसान कॉल सेन्टर के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों की सहायता किसानों को उपलब्ध करायें। उन्होंने बैठक में उपस्थित हॉल सेल विक्रेताओं से कहा कि आपके पास जो भी स्टॉक उपलब्ध हैउसका वितरण सदायशता के साथ सुनिश्चित करेंआज की वर्तमान परिस्थितियों में आप अनावश्यक लाभ उठाने की कोशिश करेंगे तो उस पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही भी की जाएगी।