महाप्रबंधक के साथ नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ की स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक आयोजित

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 महाप्रबंधक के साथ नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ की स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक आयोजित

अवधनामा संवाददाता


प्रयागराज :  उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ के साथ दो दिवसीय स्थाई वार्ता तंत्र  की बैठक संपन्न हुई। आज बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे ने कहा कि, “उत्तर मध्य रेलवे भारतीय रेल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो उत्तर को दक्षिण और पूर्व से जोड़ता है। नई दिल्ली - हावड़ा का 53% तथा नई दिल्ली-चेन्नई का 26% भाग इस ज़ोन पर है। देश की सबसे तेज गतिमान/शताब्दी/वंदे भारत का अधिकतम परिचालन इसी रेलवे पर है। ऐसे रेलवे का भाग बनने पर, मैं अपने को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं । इस रेल पर मुझे पूर्व में भी कार्य करने का मौका मिला है, पुनः एक बार आप सबके साथ मिलने का अवसर प्राप्त हुआ है।“

 उन्होंने कोविड महामारी का जिक्र करते हुए कहाकि , “ इस कठिन दौर के बावजूद भी विगत वर्ष के दौरान उत्तर मध्य रेलवे ने कार्य के सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन उपलब्धियों का श्रेय रेलकर्मियों की कार्यनिष्ठा व प्रतिबद्धता को जाता है। आपके माध्यम से मैं सभी कर्मठ एवं ईमानदार रेल कर्मियों को इसके लिए धन्यवाद देता हूं।“ उन्हों आगे कहाकि  “नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ का रेलवे प्रशासन को सतत् सहयोग मिला है तथा रेलवे के सुचारू संचालन में सकारात्मक सहभागिता रही है। मैं नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ के इस सहयोग की सराहना करता हूँ और साथ ही यह अपेक्षा करता हूँ कि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार का सक्रिय सहयोग मिलता रहेगा।“
आगे उत्तर मध्य रेलवे की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए  प्रमोद कुमार ने बताया कि, उत्तर मध्य रेलवे ने पिछले वित्तीय वर्ष के सितम्बर माह तक 7.20 MT की तुलना में वित वर्ष 2021-22 के समान अवधि में प्रारंभिक लदान 8.80 MT  दर्ज किया गया है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 22.22% अधिक है। अप्रैल से सितम्बर के दौरान हमारा समयपालन 90.56 प्रतिशत रहा है जो अत्यन्त सराहनीय है

इसी क्रम में कर्मचारी हित में किए गए उपायों की चर्चा करते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि “रेल कर्मचारियों के बेहतर उपचार के लिए 48 निजी अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। कोविड महामारी के विरुद्ध संघर्ष को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए केन्द्रीय चिकित्सालय, प्रयागराज, मंडल चिकित्सालय, झाँसी व आगरा तथा उपमंडलीय चिकित्सालय कानपुर में विशेष/फीवर क्लीनिक स्थापित की गयी है। कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है, जहाँ पर रेल कर्मियों, उनके परिजनों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य नागरिकों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। 57627 कर्मचारियों को कोविड का पहला टीका एवं 21763 कर्मचारियों को कोविड के दोनों टीके लगाए गए हैं। उपमंडलीय चिकित्सालय कानपुर में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है एवं अन्य चिकित्सालयों में यह कार्य प्रगति पर है।“
महाप्रबंधक  ने यह भी सूचित किया कि, “मैनपॉवर इनटेक के तहत वर्ष 2020-21 में 6229 अभ्यर्थियों का पैनल आर आर बी के माध्यम से प्राप्त हुआ, जिनमें मण्डलों/ कारखाना/यूनिटों द्वारा नियुक्ति की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। उक्त के अलावा लेवल-1 के 4217 अभ्यर्थियों का पैनल मण्डलों/कारखाना/यूनिटों को भेजा जा चुका है, जिन्हे भर्ती की औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पदस्थ किया गया है।  इसके अतिरिक्त, सीधी भर्ती के अन्तर्गत स्टेशन मास्टर के 344,   गुड्स गार्ड के 1014, कॉमर्शियल-सह- टिकट क्लर्क के 709, ऑफिस क्लर्क के 480 पदों सहित अन्य एन टी पी सी कोटियों के रिक्तयों के लिये कुल 2873 तथा लेवल-1 के 4697 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। एन टी पी सी कोटियों के लिए प्रथम चरण की परीक्षाएँ सम्पन्न कराई जा चुकी हैं।“
उन्होंने यह भी बताया कि, कोविड-19 महामारी के कारण 156 रेल कर्मियों का दुःखद निधन हुआ है। लगभग सभी मामलों में सेटेलमेंट राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार,उन मामलों में अनुकम्पा आधार पर नियुक्ति दी गयी है अथवा प्रक्रियाधीन है।
इस अवसर पर  अपने संबोधन में नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्पलॉईज संघ के महामंत्री आर. पी. सिंह रेल प्रशासन के कर्मचारी हित में किए गए कार्यो को सराहा और इसी क्रम में उन्होंने डी ए के रिस्टोरेशन के बाद अब डीए एरियर के भुगतान की मांग की।  सिंह ने रेल आवासों में बारिश के कारण होने वाले लीकेज की समस्या के समाधान का मुद्दा उठाया उन्होंने रेलवे अस्पतालों में भर्ती मरीजों को यूनिफॉर्म देने उर और उसको नियमित रूप से बदलने की मांग की। इसके अतिरिक्त रनिंग रूमों  में भोजन की उचित व्यवस्था और सभी निर्धारित स्थलों पर टीटीई के लिए रेस्ट रूमों की भी मांग की।  
बैठक में तीनों मंडलों से आए यूनियन के अन्य पदाधिकारीगण तथा प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी  नन्द किशोर एवं मुख्य कार्मिक अधिकारी/आई.आर.  अवधेश कुमार, सहित अन्यप्रमुख विभागाध्यक्ष  उपस्थित रहे।