समग्र स्वास्थ्य एवं आरोग्य पर हुई स्वास्थ्य संगोष्ठी

प्रबुद्ध जनों से संवाद में कोरोना की तीसरी लहर में माताओं की भूमिका पर हुई चर्चा

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समग्र स्वास्थ्य एवं आरोग्य पर हुई स्वास्थ्य संगोष्ठी

अवधनामा संवाददाता

अयोध्या (Ayodhya)। आरोग्य भारती अवध प्रान्त द्वारा साकेतपुरी देवकाली स्थित साकेत निलयम सभागार में समग्र स्वास्थ्य एवं आरोग्य विषयक स्वास्थ्य संगोष्ठी एवं कोरोना की तीसरी लहर की आशंका की सावधानियों के अंतर्गत तैयारियों में माताओं की भूमिका विषय पर स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सलाहकार एवं आरोग्य भारती के अखिल भारतीय सन्गठन मंत्री डॉ   अशोक कुमार वार्ष्णेय, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संयोजक गोविंद, सह संयोजक डॉ संग्राम सिंह, अवध प्रान्त सन्गठन सचिव डॉ सुनील अग्रवाल, सह सचिव अनिलेश मुख्य वक्ता डॉ अनिल मिश्र, व अध्यक्ष डॉ चैतन्य द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलन एवं धन्वंतरि स्तवन से किया गया। एकल पुष्प व अंगवस्त्र से अतिथियों का स्वागत परिचय डॉ पंकज श्रीवास्तव ने कराया। डॉ संग्राम सिंह ने कहा  आरोग्य भारती बीमारी होने के बाद उपचार की बजाय बचाव पक्ष की सावधानियों एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जागरूकता पर कार्य करती है। मुख्य वक्ता श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सदस्य डॉ अनिल मिश्र ने कहा व्यक्ति को पूर्ण रूप से तभी स्वस्थ कहा जा सकता है जब वह  शारीरिक मानसिक सामाजिक व आध्यात्मिक रूप से संतुलित हो।डॉ अशोक वार्ष्णेय ने भारतीय स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के वैज्ञानिक पक्ष की व्यवहारिकता में उपयोगिता के उदाहरण देते हुए विपरीत आहार, मज्जन, मंजन, शाकाहार पर प्रकाश डालते हुए कहा समग्रता प्रकृति का सार्वभौमिक गुण है और भारतीय दर्शन का चिंतन भी, जो समस्त प्राणियों के निरामय की कामना करता है।

डॉ चैतन्य ने आरोग्य के लिए स्वास्थ्य के सभी आयामो व चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। संचालन कर रहे आरोग्य भारती अवध प्रान्त के सहसचिव डा उपेन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा स्वयं में स्थित हुए व्यक्ति ही स्वस्थ चिंतन कर राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकता है , और उसी क्रम में कोरोना काल मे आरोग्य भारती सेवा भारती व होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ द्वारा संचालित हुई होलिस्टिक टेलिकन्सल्टेशन सेवा के माध्यम से जन सामान्य को निशुल्क व समय पर परामर्श व सेवाओं के लिए 29 चिकित्सको, 14 छात्रों व 22 समाजसेवियो को कोरोना कर्मवीर सम्मान के अभिनन्दन पत्र से सम्मानित किया गया। कोरोनकाल के नियमो का ध्यान रखते हुए साकेत निलयम परिसर में डॉ अशोक वार्ष्णेय द्वारा बृक्षारोपण के बाद प्रबुद्धजनों से स्वास्थ्य संवाद का एक अलग सत्र किया गया जिसकी अध्यक्षता वशिष्ठ फाउंडेशन के अध्यक्ष आध्यात्मिक गुरु महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने की।इसमे डॉ वार्ष्णेय द्वारा कोरोना की तीसरी लहर और उसके बच्चों पर खतरे की आशंका के बीच माताओं की भूमिका पर वार्ता की गई,उनकी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जीवनशैली के साथ आहार पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में नर्सिंग फार्मेसी,पैरामेडिकल मेडिकल छात्रों के अलावा सभी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सक, एन एम ओ के डॉ अनूप जायसवाल, डॉ कृतांत, होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ के डॉ आशुतोष राय, सेवा भारती के डॉ प्रेमचन्द्र पांडेय, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दुबे, मंत्री रजनीश पांडेय, सक्षम के अशोक द्विवेदी, ब्लड बैंक की ममता खत्री, बृद्धाश्रम की नीलम, महिला सेना की भारती सिंह, वरिष्ठ नागरिक ऐसोसियशन के नौरंग सिंह, योगाचार्य ममता श्रीवास्तव, जनाभास सम्पादक अमित शंकर, स्वदेश संस्थान के शिवबक्ष सागर, निर्मला फार्मेसी कालेज के सी एम पांडेय, जिला अस्पताल के सीएमएस सी बी एन त्रिपाठी , अटल पैरामेडिकल के निदेशक शिशिर मिश्र, अयोध्या जिला संयोजक वैद्य आनन्द उपाध्याय आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डॉ उपेन्द्रमणि त्रिपाठी ने किया और  द्वितीय सत्र में आभार प्रदर्शन  इंजीनियर रवि तिवारी ने किया।