विश्व हदय दिवसपर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

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विश्व हदय दिवसपर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

अवधनामा संवाददाता

सहारनपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संजीव मांगलिक ने शुगर, ब्लड प्रेशर, हदय रोग के मरीजो का उपचार तथा इसके प्रमुख लक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि हमें इसके लिए सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी बीमारियों के बचाव के उपायो को के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर सभी को नियमित जांच कराने से रोग के बारे में ससमय पता चल जाता है।

डॉ0 मांगलिक आज यहांएसबीडी जिला अस्पताल के प्रांगण में ’’विश्व हदय दिवस’’पर  आयोजित स्वास्थ्य शिविर को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करें। सभी का प्रयास होना चाहिए कि कोई भी मरीज बिना ईलाज के न जाने पाये। समस्त ब्लाको में भी हैल्थ कैम्प लगाये गये व गोष्ठी का आयोजन एमएल जेएनके गर्ल्स डिग्री कालिज में किया गया जिसमें शिक्षको व छात्रों संग एक कार्यशाला का आयोजन किया। कैम्प मे 178 मरीजो का परीक्षण जिला अस्पताल में किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के कर्मचारियों द्वारा स्टाल लगाकर जन जागरुकता हेतु वम्पलेटस वितरित किये गये तथा लोगो की भ्रान्ति का निराकरण किया गया।इस अवसर प्रमुख अधिक्षिका डा0 आभा वर्मा, नोडल अधिकारी एनसीडी श्रीमती शिवांका गौड, एनसीडी फिजिशियन डा0 अनिल कुमार वोहरा, डा.जी रहमान व एनसीडी के समस्त कर्मचारी, डीसी मुदस्सर अली, लोहित भारती, सूर्य प्रताप, तथा दीपांशु सहित एनसीडीसेल के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा विश्व ह्दय दिवस पर आज एक निजी चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ.संजीव मिगलानी ने कहा कि ह्दयघात अत्याधिक गंभीर बीमारी है, जिसके प्रति हमें अत्याधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज देश में 35 वर्ष के युवा ह्दय रोग के कारण अपनी जान गंवा रहे है, जिसका मुख्य कारण बदलती जीवन शैली व खानपान है। भारत आज ह्दयघात से मरने वाले रोगियों की संख्या में नम्बर एक है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 30 मिलियन लोग ह्दय रोग से अपनी जान गंवा रहे है, जिसमें 16 मिलियन ग्रामीण एवं 14 मिलियन शहरी क्षेत्र में है। देश में लगभग 17.7 मिलियन लोगों की मृत्यु ह्दयघात से हुयी है और विश्व में ह्दयघात से सर्वाधिक मौते हो रही है, जिनमें 35 वर्ष तक के आयु वर्ग के युवा ही इसकी चपेट में आ रहे है। डॉ.संजीव मिगलानी का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हमें अपनी जीवन शैली व खानपान में बदलाव करना चाहिए। आज पूरे विश्व मंे ह्दय दिवस मनाया जा रहा है और सभी लोगों को इसके प्रति सावधान रहना चाहिए। विशेषकर मधुमेय, उच्च रक्तचाप, मोटाला, धूम्रपान व शराब पीने वाले लोगों को अत्याधिक सावधानी बरतनी चाहिए और हमें घी, तेल से बनी वस्तुओं से भी अत्याधिक परहेज रखना चाहिए। हरी सब्जी, सलाद, ताजे फल, गेंहू का आटा व लहसुन प्यास का नियमित प्रयोग करना चाहिए और नियमित व्यायाम व टहलना चाहिए।