जिला पंचायत बोर्ड की बैठक से फिर कन्नी काट गए विभागाध्यक्ष

 एमएलसी राजू यादव ने उठाया मुद्दा, बैठक में छाया रहा 

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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक से फिर कन्नी काट गए विभागाध्यक्ष

अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी (Barabanki)। जिले के सबसे बड़े सदन की अवहेलना के साथ आज जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक शुरू हुई। वास्तव में यह अहम विषय होना ही चाहिए था, दर्जन भर से ऊपर बैठके हो चुकीं, स्पष्टीकरण मांगा गया, नोटिस जारी हुई पर स्थिति जस की तस। इक्का दुक्का विभागाध्यक्ष द्वारा सूचना देने के कायदे को छोड़ अधिकांश अधिकारियों ने अपना प्रतिनिधि भेजा था। यह मुद्दा बैठक में सबसे पहला था और इसे उठाया विधान परिषद सदस्य राजू यादव ने, हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष एक बार फिर सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

जिला पंचायत की पहली बैठक आधा घंटा विलंब से शुरू हुई, पूर्व में कई बार इसका समय जल्दी रखा गया पर आज दोपहर 2 बजे बैठक शुरु हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने की। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, विधान परिषद सदस्य राजेश यादव राजू, अवनीश सिंह, विधायक बैजनाथ रावत, साकेन्द्र वर्मा, शरद अवस्थी, सुरेश यादव, गौरव रावत, सतीश शर्मा, अयोध्या सांसद प्रतिनिधि, पूर्व सांसद रामसागर रावत के अलावा मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह, सभी ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक का आरंभ जिला पंचायत सदस्यों के परिचय से हुआ, इसके बाद मौजूद अधिकारियों को परिचय देने को कहा गया, अधिकारी अपना परिचय देकर बैठे ही थे कि एमएलसी राजू यादव ने सबका ध्यान इस ओर दिलाया, कहा कि जिले का सर्वोच्च सदन होने के बाद भी अधिकांश विभागाध्यक्ष ने अपने प्रतिनिधि अधिकारियों को बैठक में भेज दिया। जो इस सदन की अवहेलना है। क्या भेजे गए प्रतिनिधि समस्या हल कर सकेंगे। लोकतंत्र में सबसे बड़ी कुर्सी का महत्व अधिकारी नही जानते। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी इस बैठक में नही आये हैं, उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए, विशेषाधिकार हनन के तहत यह बात उठाई जाएगी।

इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने स्थिति संभालते हुए कहा कि सीडीओ को कहा गया है वह नदारद अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगें। सदस्यों ने भी इस गम्भीर विषय पर अपना समर्थन दिया। बैठक आगे बढ़ी तो डीडीसी शहंशाह ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद विभिन्न समितियों के गठन की जानकारी सदस्यों को न दिए जाने की बात रखी, इसको लेकर भी काफी देर तक गरम बहस हुई। सांसद ने सदस्य को शांत कराया, यह कहकर कि समिति गठन की पूरी जानकारी सदस्यों को दी जाए। शाम तक चली इस बैठक में कई मुद्दे उठे और अधिकारियों से सवाल किए गए।