सरकार द्वारा लाखो रुपए खर्च करके बनाए गए सामुदायिक शौचालय में लटक रहा ताला

बिलग्राम ब्लाक के कई ग्राम पंचायतों में अभी शौचालय अधूरे बने है

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सरकार द्वारा लाखो रुपए खर्च करके बनाए गए सामुदायिक शौचालय में लटक रहा ताला

अवधनामा संवाददाता 


हरदोई/बिलग्राम जहा पर केंद्र सरकार व राज्य सरकार भ्र्ष्टाचार को जड़ से खत्म करने के बड़े बड़े दाबे कर रही है वही दूसरी तरफ जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी लोग भ्र्ष्टाचार बढ़ावा देने में लगे हुए हैं इसीलिए भ्रष्टाचार कम होने का नाम ही नही ले रहा है आपको बताते चले कि स्वछ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत गांव व कस्बो में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए थे जिससे ग्रामीणों की गरीब जनता को खुले में शौच करने के लिए मजबूर न होना पड़े शौचालय की  देख रेख के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को नौ हजार रुपए दिए जा रहे है साथ ही साथ  10 बजे सुबह से शाम 10 बजे तक खुलने व बन्द होने का समय भी निश्चित किया गया है और कागजी प्रकिया में हरदोई जनपद के सभी ग्राम पंचायतों व कस्बो में बने सामुदायिक शौचालय सुचारू रूप से चल रहे है  लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही व्यान कर रहीं है आपको बताते चले कि बिलग्राम ब्लाक में सैकड़ों ग्राम पंचायतें ऐसी है जहाँ पर बने सामुदायिक शौचालय में ताला लटक रहे है और कई ग्राम पंचायतो में सामुदायिक शौचालय  व शौचालय अभी भी अधूरे पड़े है जिसका जीता जागता हुआ उदाहरण आपको बताते चलें की बिलग्राम विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जरसेनामऊ ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ ग्राम पंचायत छिबरामऊ ग्राम पंचायत धाधामऊ  ग्राम पंचायत करेहका चौगवा के गुलाब पुरवा में कई शौचालय अभी भी अधूरे पड़े है जिस सम्बन्ध में सूत्रों के मुताबिक सैकड़ों की सख्या में प्रार्थना पत्र दफ्तरों में दिए जाते है समाचार पत्रों में खबरे प्रकाशित होती रहती है लेकिन जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी लोग ग्राम प्रधानों से मोटा लिफाफा लेकर मामले को रफा दफा कर देते है जरसेनामऊ के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन को शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया है की ग्राम पंचायत जरसेनामऊ में बने सामुदायिक शौचालय में ग्राम प्रधान ताला बंद रखते  है  ग्राम प्रधान पंचायत मित्र व ग्राम विकास अधिकारी सरकार द्वारा जो महिला स्वयं सहायता समूह  को नौ हजार रुपए दिए जाते है वो रुपए  फर्जी तरीके से ग्राम प्रधान व समूह के अध्यक्ष लोग  निकाल लेते है और गांव के ही  ग्राम प्रधान व पंचायत मित्र से मिलकर बने सामुदायिक शौचालय में अपने  जानवर बांधते है और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है 

अब देखना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की कुम्भ करणी नीद खुलेगी या नही