ज़िम्मेदारों की सरपरस्ती में हो रहा बारूद का कारोबार

सीएम सिटी में भारी मात्रा में हुई अवैध पटाखों की बरामदगी

 | 
ज़िम्मेदारों की सरपरस्ती में हो रहा बारूद का कारोबार !

अवधनामा संवाददाता (मनव्वर रिज़वी)

गोरखपुर। शहर में घनी आबादी में अवैध पटाखा गोदामों की खबर को संज्ञान में लेते हुए नायब तहसीलदार वशिष्ठ कुमार वर्मा की टीम ने सोमवार को छोटेकाजीपुर में पटाखा व्यापारी सद्दन खान के आवास पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में पटाखा बरामद किया । पूर्व के वर्षों में भी यहां से पटाखों की बरामदगी हो चुकी और कई साल पहले यहां भयंकर आग भी लगी थी। स्थानीय लेखपाल और राजस्व की टीम के अलावा कोतवाली पुलिस की मौजूदगी रही।

मुनाफे का कारोबार होने के कारण बारूद के इस धंधे में तमाम हिस्सेदार हैं और शायद इसीलिए सीएम सिटी की अभेद सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते हुए कई ट्रक बारूद शहर की घनी बस्तियों में बने गोदामों तक पहुंचते हैं।

जानकारों का यहां तक कहना है कि दशहरा और दीपावली के मद्देनजर करोड़ों के अवैध पटाखों का व्यापार किया जा चुका है । सोमवार को हुई इस बरामदगी को इस कहावत से बेहतर समझा जा सकता है कि हाथी गुजर गई सिर्फ उसकी पूंछ प्रशासन के हाथ आई है। जिले का खुफिया तंत्र सोता रहा और हजारों कुंतल बारूद गोदामों तक पहुंच गया। हद तो तब हो गई जब हर रोज़ अवैध पटाखा गोदामों से कारोबार होता रहा और थाने से लेकर खुफिया विभाग और क्राइम ब्रांच इससे बेखबर रहा। 

अवैध पटाखा गोदाम से हुई इस बरामदगी ने बीट पुलिस सिस्टम पर भी सवालों की जद में ले लिया है।

गोरखपुर में अवैध पटाखा बरामदगी का यह पहला मामला नही इससे पहले गोरखपुर में 2016 में पटाखों के विरुद्ध चले अभियान के तहत कोतवाली और राजघाट थाना अंतर्गत छापेमारी करके भारी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किया था। 

तब पुलिस मुख्यालय से जारी सूचना के अनुसार 5 डीसीएम पटाखा बरामद किया गया था। और दो मुकदमें राजघाट थाने में 241/16 और 242/16 दर्ज किए गए थे। 

बहरहाल सोमवार को कोतवाली थाना इलाके से बरामद विस्फोटकों की मात्रा इतनी है कि एक चिंगारी से आसपास का पूरा इलाका ख़ाक हो सकता था।