आम आदमी की पहुँच से बाहर हो चुकी है हरी सब्जियां

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आम आदमी की पहुँच से बाहर हो चुकी है हरी सब्जियां

अवधनामा संवाददाता

अम्बेडकरनगर सड़क से लेकर किचन तक महंगाई का तड़का लगा हुआ है। सब्जियों के आगे फलों के भाव फीके हैं। महंगाई से टमाटर सुर्ख लाल हो गया है तो प्याज भी आंसू निकालने पर तुली हुई है।पिछले एक माह की बात करें तो सब्जियों के दामों में तेजी से उछाल आया है। आलू के दाम अचानक पांच रुपये प्रति किलो बढ़ गये हैं, टमाटर 80 रुपये किलो है तो हरी धनिया व सोया मेथी के साग शतक से ऊपर हैं। सब्जी के दाम इस कदर आसमान छू रहे हैं कि लोगों को दाल की महंगाई भी कम लग रही है। सब्जियों की कीमतों में लगातार उछाल से खाने में पौष्टिक तत्वों की कमी और थाली से जायका गायब हो रहा है। जबकि सेहत के लिए फायदेमंद सेब फिलहाल आम आदमी की पहुंच में है। ऐसे हालात में भिंडी, गोभी, शिमला मिर्च, परवर कोई भी सब्जी ऐसी नहीं है जो 50 रुपये से कम में प्रति किलो बिक रही हो। लहसुन 120 रुपया किलो है। ऐसे हालात में सब्जियों का दाम बढ़ने से किचन का बजट लड़खड़ा गया है।
पहले जहां थाली में कभी-कभी दो सब्जी होती थी वहीं अब सब्जी के स्थान पर चटनी तक लोगों को नसीब नहीं हो रही है। इधर एक सप्ताह पहले पेट्रोल डीजल के दाम कुछ कम हुए हैं मग