सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयत्नशील व कार्यरत है : प्रीति उपाध्याय

नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का एक दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण का हुआ शुभारम्भ
 
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सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयत्नशील व कार्यरत है : प्रीति उपाध्याय

अवधनामा संवाददाता 

आजमगढ़। महिला कल्याण विभाग के तत्वाधान में मिशन शक्ति अभियान “3.0“ के अंतर्गत विकासखंड अहरौला में मेगा इवेन्ट प्रधान सम्मेलन एवं जिला पंचायत राज विभाग द्वारा नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का एक दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि द्वारा महात्मा गांधी जी चित्र प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। मास्टर ट्रेनरों द्वारा ग्राम प्रधानों को सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने बताया कि भारतीय संस्कृति एवं समाज में नारी का स्थान सदैव ही उच्च प्रतिष्ठित रहा है। शक्ति के विभिन्न स्वरूपों में हम नारी की ही पूजा, सभ्यता एवं संस्कृति के उदय से करते आये हैं। नारी सृजन का भी प्रतीक है। वर्तमान समय में महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की हिंसा का घटनाओं में वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की गरिमा, सम्मान के साथ ही उनके सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयत्नशील एवं कार्यरत है। इसी के अन्तर्गत मिशन शक्ति-3.0 की शुरुआत माह अगस्त 2021 से दिसम्बर 2021 तक के लिए की गयी है। उन्होने बताया कि मिशन शक्ति के उद्देश्य यह ही है कि महिलाओं के लिए समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आये तथा महिलाएं व बच्चे विशेषकर बालिकाएं आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हों। इसी के साथ ही उन्होने महिला ग्राम प्रधानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के हित के लिए सरकार द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, उ0प्र0 रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित विभिन्न विभागों द्वारा अन्य योजनाएं महिलाओं के लिए संचालित हैं। उन्होने महिला ग्राम प्रधानों से कहा कि पात्र महिला लाभार्थियों को सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत दिलायें और जहॉ पर भी महिलाएं प्रताड़ित की जा रही हैं, ऐसी महिलाओं का सहयोग कर उनको न्याय दिलायें। अन्नू सिंह ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही है, इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कू-प्रथा को रोकना, बालिका के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना और उन्हें स्वावलंबी बनाना है। इस योजनान्तर्गत 06 श्रेणियों में लाभार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिसमें प्रथम श्रेणी के अंतर्गत बालिका के जन्म होने पर 2000 रू0, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 1000 रू0, तृतीय श्रेणी में कक्षा 1 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, पंचम श्रेणी में कक्षा 9 में बालिका के प्रवेश करने पर 3000 रू0 एवं 6वीं श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिन्होने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो 5000 रु0 दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी उ0प्र0 का निवासी हो, स्थायी निवास प्रमाण पत्र उसके पास हो, लाभार्थी के परिवारिक वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रू0 हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसी के साथ ही घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, वन स्टाप सेंटर आदि के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर विकास खण्ड अधिकारी अहरौला विनोद कुमार बिन्द, पिंकी सिंह सहित विकास खण्ड के कर्मचारीगण एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।