किसान अपनी फसलों पर रसायनों का प्रयोग अति आवश्यक होने पर ही करें : थान सिंह गौतम

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किसान अपनी फसलों पर रसायनों का प्रयोग अति आवश्यक होने पर ही करें : थान सिंह गौतम

अवधनामा संवाददाता

आजमगढ़ (AZAMGARH)। उप कृषि निदेशक (शोध/प्रभारी कृषि रक्षा) थान सिंह गौतम ने क्षेत्र का भ्रमण कर अवगत कराया है कि वर्तमान समय में धान की फसल में कीट/रोग लगने की संभावना बढ़ गयी है। जिनमें प्रमुख रूप से पत्ती लपेटक कीट, तना छेदक कीट, दीमक कीट, हरा, भूरा एवं सफेद पीठ वाला फुदका लग सकता है। अतः किसान भाई अपनी फसलों की निगरानी करते रहें, अति आवश्यक होने पर ही रसायनों का प्रयोग करें। पत्ती लपेटक कीट की सूड़ियॉ पत्ती के दोनों किनारों को आपस में मिलाकर लपेट देती है तथा अन्दर के हरे पदार्थ को खुरच कर खा जाती है, जिससे पत्तियों में जगह-जगह पर सफेद रंग की पारदर्शक धारियॉ पड़ जाती है। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि यदि प्रति पौधा दो पत्तियाँ प्रभावित हो तो यथासमय उपयुक्त उपचार करें। उन्होने बताया कि क्लोरपायरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 2 ली0 या क्यूनालफास 25 प्रतिशत ई0सी0 की 1.25 ली0 मात्रा को 500-600 ली0 पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर फसल पर छिड़काव करें।
तना छेदक कीट कीट की मादा पत्तियों के निचले भाग में समूह में अंडे देती है, जिनमें से छोटी-छोटी सूड़िया निकल कर तने में प्रवेश कर उसके अन्दर का भाग खा जाती है, प्रभावित कल्ला/पौधा सूखने लगता है और इसमें बाल भी नहीं निकलती है, यदि निकलती भी है तो वह सफेद रंग की होती है और उसमें दाने नहीं बनते। इस कीट के नियंत्रण के लिये कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत जी0 अथवा कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 4 प्रतिशत जी0 में से किसी एक की 20 कि0ग्रा0 दानेदार मात्रा को 3 से 5 से0मी0 स्थिर पानी में प्रति हे0 की दर से प्रयोग करें। दीमक कीट पीलापन लिये हुए सफेद रंग के पंखहीन होते है जो उग रहे बीज, पौधों की जड़ों को खाकर क्षति पहुँचाते हैं। दीमक के नियंत्रण हेतु क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 की 3 लीटर मात्रा को 20-25 कि0ग्रा0 बालू में मिलाकर एक हेक्टेयर खेत में बिखेर/छिड़क कर खेत में सिंचाई कर दें। हरा, भूरा एवं सफेद पीठ वाला फुदका के नियंत्रण हेतु एजाडिरेक्टिन 0.15 प्रतिशत ई0सी0 2.5 ली0 अथवा क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 अथवा क्यूनालफास 25 प्रतिशत ई0सी0 1.5 लीटर 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करना चाहिए। फसल सुरक्षा की अधिक जानकारी अथवा अन्य किसी समस्या के समाधान हेतु किसान भाई अपने विकास खण्ड स्थित कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी या उप कृषि निदेशक (शोध/प्रभारी कृषि रक्षा) कार्यालय के तकनीकी सहायक अनिल कुमार से मो0नं0- 8004569212 पर संपर्क कर सकते हैं।