जलवायु अनुकूल किस्में-प्रद्यौगिकी पद्धतियां विषय पर कृषक वैज्ञानिक संवाद

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जलवायु अनुकूल किस्में-प्रद्यौगिकी पद्धतियां विषय पर कृषक वैज्ञानिक संवाद

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा सभागार में जलवायु अनुकूल किस्में प्रद्यौगिकी पद्धतियां विषय पर कृषक वैज्ञानिक संवाद आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा प्रभासी माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन के संबंध में संबोधन का सजीव प्रसारण जिले के कृषकों को दिखाया गया। केन्द्र के वैज्ञानिक डा.एन.के.पाण्डेय ने कार्यक्रम के दौरान किसानों को बताया कि स्थानीय जलवायु के अनुसार ही प्रजातियों का चयन करना चाहिए तथा वैज्ञानिक विधियों एवं तकनीकियों का प्रयोग करना चाहिए। रबी 2021-22 में मटर की प्रजाति आई.पी.एफ.डी. 12-2 आई.पी.एफ.डी. 11-5 आई.पी.एफ.डी. 10-12 एवं चना की प्रजाति आर.वी.जी. 202 की बुवाई के लिए किसानों से आग्रह किया। डा.दिनेश तिवारीफसल की बुवाई के पूर्व अपनाये जाने वाली वैज्ञानिक तकनीकियों के बारे में चर्चा की। डा.एन.के.यादव ने कहा कि समय से बुवाई करने से फसलों को बीमारियों एवं कीड़ों से बचाया जा सकता है। डा.मारूफ अहमद ने एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने के लिए प्रेरित किया। डा.अर्चना दीक्षित ने बागवानी एवं सब्जी की फसलों में मौसम अनुकूल प्रजातियों को अपनाने के लिए बताया। डा.सरिता देवी ने गृह वाटिका में सब्जी उत्पादन के बारे में बताया।