प्रख्यात मौलाना सैयद हबीब हैदर ने चंदिया मऊ की कदीमी मजलिस को किया खिताब ​​​​​​​

 | 
प्रख्यात मौलाना सैयद हबीब हैदर ने चंदिया मऊ की कदीमी मजलिस को किया खिताब

अवधनामा संवाददाता

 लखनऊ । गत वर्षों की भांति इस बार भी वक़्फ़ अब्बासी खानम, इमामबाड़ा चंदियांमऊ मे सफर माह के दूसरे इतवार 18व19 सितम्बर को क़दीमी मजलिस का आयोजन किया गया जिसे प्रख्यात मौलाना सैयद हबीब हैदर आब्दी साहब ने खिताब किया । कोरोना गाइड लाइन के चलते इस साल भी इस क़दीमी मजलिस मे बाहरी जिलों से आने वाले ज़ायरीन सिरकत नही कर सके । मजलिस मे राजधानी के लोगों को ही इस बार भी ज़ियारत करने का मौका मिला ।

बताते चलें की 1880 से सफर के महीने मे आयोजित होती आ रही इस क़दीमी मजलिस का इंतज़ार सिर्फ लखनऊ के जायरीन ही नही बल्कि सूबे के विभिन्न जिलों के जायरीनों को इस इमामबाड़े की जियारत का बेताबी से इंतज़ार रहता है लेकिन कोरोना गाइड लाइन के चलते लोग चाहकर भी मजलिसेअज़ा में नही शामिल हो पा रहे हैं।

 आयोजक हैदररज़ा, मोहम्मदरज़ा, हुसैनरज़ा, शाहरुखरज़ा आदि के मुताबिक कोरोना काल के चलते इस क़दीमी मजलिस मे कोरोना गाइड लाइन के अनुसार ज्यादा लोगों को एकत्रित नही होने देना है इसलिए कुछ सालों से क़दीमी मजलिस मे लोगों को आमंत्रित ही नही किया जा रहा है ।

और सोसल डिस्टेन्सिंग का भी ध्यान रखा जा रहा है जब कि कुछ लोग अभी भी जागरूक नही है। यहाँ वक्फ अब्बासी खानम इमामबाड़े की व्यवस्था नाशिर रज़ा और ज़ियारत के लिए आये ज़ायरीनों की व्यवस्था बेहद ही पुरखुलूसी के साथ इमरान आलम,इरफान, निहाल आलम अरशद आदि ने सम्हाला । यहां आरिफ़ आलम के यहाँ भी मजलिस-ए अज़ा सम्पन्न हुई जिसे मौलाना हसन ज़हीर साहब ने खिताब किया । कार्यक्रम मे मजलिस बादहू एक शबिहे गहवारा ए अली असगर गरीबखाने से बरामद होकर इमामबाड़े तक़ ले जाया गया इमामबाड़े में जायरीनो ने जियारत करने के साथ ही मातम भी किया ।