भूमि एवं वन अधिकार को लेकर एकता परिषद् का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

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भूमि एवं वन अधिकार को लेकर एकता परिषद् का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

अवधनामा संवाददाता 

ललितपुर। एकता परिषद की ओर से आदिवासी समुदाय को जागरूक करने के उद्वेश्य से आवासीय पट्टाकृषि स्वामित्व और वन अधिकार के मुद्वे पर राठौर मैरिज गार्डनललितपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में कानूनी जानकारी देने के लिए स्थानीय जिला न्यायालय से एड. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान और एड. स्वतंत्र कुमार व्यास जी मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। उक्त जानकारी एकता परिषद के राज्य समन्वयक सियाराम सहरिया ने कही। प्रशिक्षण शिविर के प्रारंभ में एकता परिषद के वरिष्ठ साथी राकेश दीक्षित ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया। प्रशिक्षण का प्रारंभ करते हुए राकेश ने कहा कि आज का यह प्रशिक्षण हम सबके लिए बहुत ही महत्वपूर्णं है। हमारे सामने आयेदिन यह समस्याऐं आती रहती हैं जिनकी जानकारी के अभाव में हम अपने हक और अधिकार से वंचित हो जाते हैं। अगर हमें इसकी जानकारी होगी तो हम इन समस्याओं को समाधान कर वंचित समुदाय के हक और अधिकार दिलाने में सक्षम हो सकते हैं। एड. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि आजादी के पहले से ही आदिवासी समुदाय जंगलों का राजा हुआ करता था। अंग्रेजों के अत्याचार से परेशान होकर सभी लोगों के साथ मिलकर आदिवासी समुदाय ने भी देश की आजादी में अपना योगदान दिया। आजादी के बाद जितनी भी सरकारेें बनी उन्होंने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए काम नहीं कियापरिणाम स्वरूप आज यह समाज विकास की मुख्य धारा से कट गया है। इस समाज को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए उन्हें उनके हक और अधिकारों के प्रति जागरूक करना बहुत आवश्यक है। एड. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आज उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व संहिता 2006 की धारा 6465 तथा 125 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए कि हम अपने ग्राम सभा के माध्यम से अपनी जमीन संबंधी समस्याओं का आवेदन लगायें और ग्रामसभा में हिस्सेदारी करें। एड. स्वतंत्र कुमार ब्यास ने सरकारी योजनाओं और सरकार द्वारा जारी की गई हेल्पलाईन नम्बर के बारे में जानकारी दी तथा कानूनी सेवा के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में जानकारी देते हुए निरूशुल्क सेवाओं के बारे में जानकारी दी।

प्रशिक्षण शिविर के आखिरी सत्र में पूरे दिन के प्रशिक्षण शिविर के बारे में चर्चा की गई और अगले दिन होने वाले वन अधिकार के मुद्वे पर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर कल के सत्र में चर्चा पर बात की। राज्य समन्वयक सियाराम सहरिया ने कहा कि हमारे लिए यह प्रशिक्षण बहुत ही महत्वपूर्णं है। सभी साथी ध्यान से प्रशिक्षण को सुने और जो भी समस्या कार्य के दौरान आती है उसके बारे में विधि वक्ताओं से चर्चा करें तभी इस प्रशिक्षण की सार्थकता होगी।