कलेक्ट्रेट सभागार हमीरपुर में जिला स्तरीय आशा सम्मेलन हुआ संपन्न

डीएम ने आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा
 
 | 
 कलेक्ट्रेट सभागार हमीरपुर में जिला स्तरीय आशा सम्मेलन हुआ संपन्न

अवधनामा संवाददाता हिफजुर्रहमान 

हमीरपुर : सेहत कुदरत का सब से कीमती तोहफा है कहते है तन्दुरस्ती हजार नेमत है।हर इन्सान सेहतमंद रहनें के लिए तरह तरह के जतन व प्रयास करत है उन्ही प्रयासों में आशा कार्यकर्ताओं स में आशा कार्यकर्ताओं का अतुल्नीय योगदान है। गांव-गांव में आशा कार्यकर्ता सीमित संसाधनों में अपने कर्त्तव्यों को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में आशा कार्यकर्ता महत्वूपर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कार्यक्रम बगैर आशा कार्यकर्ता के सहयोग किए अपनी सफलता को प्राप्त नहीं कर सकता।
उक्त विचार जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित आशा कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर व्यक्त किए। इस मौके पर जनपद में अच्छा कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाली तीन आशाओं को नगद धनराशि ,प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो प्रदान किया गया। 

इसके अंतर्गत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आशाओं को रुपए 5000-5000 , द्वितीय स्थान पर आने वाली आशाओ को 2000 -2000 तथा तृतीय स्थान पर आने वाली आशाओं को ₹1000 की नगद धनराशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई । इसके अलावा जनपद  में अच्छा कार्य करने वाली सर्वश्रेष्ठ तीन  आशा संगिनी को मोमेंटो ,प्रशस्ति पत्र व नगद धनराशि से पुरस्कृत किया गया। प्रथम स्थान पर प्राप्त करने वाली आशा संगिनी को 5000, द्वितीय स्थान पर आने वाली को 3000 तथा तृतीय स्थान पर आने वाली आशा संगिनी को 2000 की पुरस्कार धनराशि प्रदान की गई।  इसके अलावा लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री जी के हाथों पुरस्कृत होने वाली आशा कार्यकर्ता रेखा पाल को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
 इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती जयंती राजपूत  ने कहा कि जब से स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ताओं ने काम करना शुरू किया है, तब से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल रहा है। कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में आशा कार्यकर्ता आज भी मोर्चे पर डटी हुई है। बाहर से आने वालों की निगरानी, उन्हें जांच और टीके के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। गर्भवतियों की समय से जांच और सुरक्षित प्रसव जैसे कार्यों को अंजाम दे रही हैं। इस काम में वह रात-दिन भी नहीं देखती और मरीजों की सेवा में लगी रहती हैं। स्वास्थ्य विभाग के समस्त कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग के बिना पूरे नहीं हो सकते।
 
जिलाधिकारी डॉ. चंद्र भूषण ने भी आशा कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें इसी तरह से कार्य करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराया जाए तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराया जाए ।  यह कार्य बिना आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव होने से मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
   

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एके रावत ने भी आशा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्द्धन किया।

 इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत और जिलाधिकारी डॉ चंद्र भूषण ने मौजूद सभी लोगों को टीबी के उन्मूलन की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि टीबी कोई अभिशाप या कलंक नहीं ,इसका इलाज संभव है । टीबी के मरीज से भेदभाव ना करके उसको तुरंत इलाज हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
कार्यक्रम में जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ.विनय प्रकाश, महिला अस्पताल की सीएमस डॉ.फौजिया अंजुम नोमानी, एसीएमओ डॉ.पीके सिंह, डॉ.महेशंद्रा, डॉ.आरके यादव, डॉ.रामअवतार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक सुरेंद्र साहू, जिला स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी अनिल यादव, डीसीपीएम मंजरी गुप्ता आदि मौजूद रहे।