जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने की मण्डी शुल्क समाप्त करने की मांग: किया जोरदार प्रदर्शन

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जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने की मण्डी शुल्क समाप्त करने की मांग: किया जोरदार प्रदर्शन

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने सोमवार को प्रदर्शन करते हुये मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में व्यापारियों ने मण्डी शुल्क समाप्त किये जाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। 

गौरतलब है कि व्यापार मण्डल बड़े लम्बें अरसे से प्रदेश में मण्डी शुल्क की समाप्ति के लिए आंदोलन कर रहा था। इस बीच 05 जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश से मण्डियों का लाइसेन्स 9-आर, 6-आर व गेटपास व अन्य प्रावधानों को पूर्णत: समाप्त कर दिया जिससें आम व्यापारी को बडी राहत मिली एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा। व्यापार मण्डल मण्डी समिति के अन्दर लग रहे शुल्क की समाप्ति की बात भी सदैव उठाता रहा है। जैसा कि विदित है कि कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद प्रदेश में मण्डी शुल्क की पुरानी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गयी है जिससे उद्योग जगत एवं व्यापारी समाज में बडा रोष व्याप्त है। बताया कि कई राज्यों विशेषकर निकटवर्ती राज्यों में मण्डी शुल्क नही है कई राज्यों में उद्योगों में छूट है और जब प्रदेश में मण्डी श्ुाल्क नही था तों अनेक उद्यमियों ने यहां पर अपना उद्योग भी स्थापित किया जो कि अब अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। मण्डी अधिनियम में साफ लिखा है कि जो जिंस जिस प्रदेश में उत्पाद होगी उस पर वहां मण्डी शुल्क लगेगा परन्तु अब देश व प्रदेश के बाहर से आने वाली जिंसों पर भी शुल्क लग रहा है जैसे कि किराना (मेवा, सुपारी, काली मिर्च, मसाले) आदि वस्तुओं पर मण्डी शुल्क लग जायेगा जो कि असंवौधानिक है। बताया कि मण्डियों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जितनी फीस सरकार को मिलती है उससे कई गुना पैसा मण्डी सचिव व कर्मचारियों को जाता है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने इस बात को समझा था तभी उन्होने इतना अच्छा निर्णय लिया और हम लोगो ने उनको बधाई भी दी थी। आप भी दिन रात एक करके प्रदेशवासियों की सेवा में लगें है और उ.प्र. को ईज टू बिजनेस में दूसरे नम्बर पर ले आये है। इस प्रकार के कानून लाने से भ्रष्टाचार बढेगा मंहगाई बढेगी चूंकि ये टैक्स किसानों से वसूल कर सरकार को देना होता है इसलिए किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य भी नही मिल पायेगा साथ ही व्यापारियों को अनावश्यक लिखा पढी, सचल दल का भय सरीखे उत्पीडन का सामना करना पडेगा। इसके साथ ही मण्डी समिति के द्वारा आधी अधूरी तैयारी के साथ में केवल सरकार को खुश करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था चालू करने का फरमान भी जारी कर दिया गया है जिसमें कई खामियां है। चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने भी सारे मण्डी स्थल को अधिग्रहण कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। गल्ला मण्डियों को अधिग्रहस्थ करने से गल्ला व्यापारियों का आर्थिक नुकसान भी होता है और काफी दिनों तक मण्डिया बंद भी रहती है इसका कोई मुआवजा व्यापारियों को नही दिया जाता है, इसलिए इसको मण्डी स्थल से छोड़कर अन्य किसी स्थान का उपयोग किया जाए। मड़ावरा कृषि मंडी क्षेत्र के व्यापारियों के मंडी लाईसेन्स का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है जिससे 55 फुटकर व्यापारी अपने लाईसेन्सों के नवीनीकरण हेतु परेशान है जबकि शासन द्वारा लाईसेंस के नवीनीकरण हेतु निर्देश जारी किए गए हैं किन्तु उप जिलाधिकारी मड़ावरा द्वारा व्यापारियों को उत्पीडि़त किया जा रहा है और उनके लाईसेन्स नवीनीकरण कराने में बाधा पहुंचाई जा रही है। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में मण्डी शुल्क समाप्त किये जाने, मण्डी के अन्दर कार्य करने वाले व्यापारियों को लाइसेन्स जारी करके रखरखाव (मेंटीनेन्स) के रूप में 0.5 प्रतिशत ले लिये जाने, मण्डी की दुकानों को फ्री होल्ड रजिस्ट्री करा दी जायें जिससे सरकार पर खर्चे का भार नही पड़ेगा, राजस्व की प्राप्ति भी होगी और प्रदेश का व्यापारी आजादी से अपना व्यापार करके प्रदेश को आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने में अग्रसर व उद्यत होगा। मड़ावरा के फुटकर गल्ला व्यापारियों के लाईसेन्स अविलम्ब नवीनीकृत कराये जाने की मांग उठायी गयी। इस दौरान प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र मयूर, जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, नवीन सिंघई, महेश मोनू, आईटी जिलाध्यक्ष अंकित सतभैया, अशोक कुमार अनौरा, संजीव जैन, सनत जैन, राजेंद्र, सुरेंद्र, जितेंद्र जैन, केशव साहू, सुमत जैन, शुभेंदु जैन, महेंद्र जैन, सुंदरलाल, बच्चू लाल, आनंद जैन, दीपक चैधरी, संतोष चौबे, पदमचंद जैन, अशोक जैन, अभिषेक कुमार, अमित कुमार, चंद्रप्रकाश, भैया संज्ञा, शिवराज साहू, तुलसीराम, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, राजेंद्र जैन, राजीव जैन, संतोष कुमार, रामेश्वर साहू, अंकित, मनोज, चंदन जैन, अंतू, पप्पू मोदी, मनोहरलाल साहू, महाराजा, रूपचंद जैन, रामस्वरूप साहू, सन्मति ट्रेडर्स, ऋषभ ट्रेडर्स, प्रदीप, श्रीजी ट्रेडर्स, खजुरिया ट्रेडर्स, सिंघई एण्ड सन्स, बाबूलाल जैन, राज इण्टरप्राइजेज, लखमीचन्द्र चैधरी, शील ट्रेडर्स, सतभैया इंटरप्राइजेज, राजा ट्रेडर्स, ऋषभ एण्ड कम्पनी, मोदी ब्रदर्स, मुक्ता ट्रेडिंग कम्पनी, रामेश्वर ट्रेडर्स, जैन इंटरप्राइजेज, दीपक ट्रेडर्स, देवीलाल इंदौरी, जे जे ट्रेडर्स, रविन्द्र कुमार, अशोक कुमार, अर्पण ट्रेडर्स, गदयाना ब्रदर्स, सनत कुमार एण्ड कम्पनी, बन्दना इन्टरप्राइजेज, सतेन्द्र कुमार, अमित कुमार, बालचन्द्र जैन, अंकित इंटरप्राइजेज, हरिओम दाल मिल, ओम ट्रेडर्स, गुप्ता इंटरप्राइजेज, अशोक कुमार एण्ड कम्पनी, महाराजा इंटरप्राइेजज, रावत ब्रदर्स, चतुर्वेदी ट्रेडर्स, घनश्याम, प्रसन्न कुमार जैन, राम प्रसाद राठौर बारदाना एसोसिएशन के अंकित जैन,अमित जैन,प्रदीप जैन,गजेंद्र साहू,मनोहर नायक,घनश्याम राय,मनोहर नायक,इरफान खान,लोकेश साहू,सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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कैप्सन- धरना प्रदर्शन करते व्यापारी नेता