परिसम्पत्तियों के विवाद का नहीं किया गया निस्तारण

किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर उठायी कार्यवाही की मांग

 | 
परिसम्पत्तियों के विवाद का नहीं किया गया निस्तारण

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर। भावनी बांध में ली गयी किसानों की भूमि का मुआवजा नये भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत शेष अनुपूरक राशि प्रदान न होने एवं भूमि पर स्थिति परिसम्पत्तियों का मुआवजा अब तक न दिये जाने क्षुब्ध होकर अनिश्चित कालीन धरना किये जाने की चेतावनी देते हुये एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा गया। ज्ञापन में बताया कि भावनी बांध निर्माण के लिये ग्राम जरावली, बुरौगांव तहसील महरौनी जिला ललितपुर के काश्तकारों की भूमि आपसी सुलह समझौते के आधार पर ली गयी है। जिसमें तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता एवं जिलाधिकारी के आश्वासन के पश्चात कि भविष्य में नये भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 जो 01 जनवरी 2014 से प्रभावी है में यदि किसी शासनादेश के प्रभाव से अन्य काश्तकारो की भूमि अधिक दर से ली जाती है तो पूर्व में कृषकों से ली गयी भूमि का मूल्य भी उसी दर से अदा की गयी। धनराशि को समायोजित किया जाकर शेष धनराशि का भुगतान कृषकगणों द्वारा माँग जाने पर विभाग द्वारा बिना किसी विलम्ब के दे दिया जावेगा एवं भूमि पर स्थित परिसम्पत्तियां जैसे पेड, कूप, बौर, बंधी, टपरा, मकान आदि का भी भुगतान भी बिना विलम्ब कर दिया जावेगा। परन्तु आज तक उक्त मुआवजा की अवशेष धनराशि का भुगतान नहीं कराया गया है एवं परिसम्पत्तियों का भी एक भी पैसा मुआवजा के रूप नहीं दिया गया है। जबकि प्रार्थीजन अनेको आवेदन दे चुके है परन्तु मुआवजा प्रदान न कराकर नये भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 व शासनादेशो का स्पष्ट रूप से अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जिस कारण प्रार्थीजन पुन: यह आवेदन प्रस्तुत करने को विवश हुये हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व धरना प्रदर्शन की भी अनुमति हेतु आवेदन किया परन्तु अनुमति प्रदान नहीं की गयी है। यदि 8 दिवस के अन्दर समस्याओं का निराकरण नहीं कराया तो किसान कलेक्ट्रेट प्रागण में ही समस्या के समाधान होने तक धरना करने को बाध्य होगें जिसका उत्तरदायित्व जिला प्रशासन का होगा। किसानों ने उक्त समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग उठायी। ज्ञापन पर सुनील शर्मा, मीराबाई, राजू खंगार, विक्रम राजा, संतोष कुमार शर्मा, ओमकार रजक, हरकिशन, रामदीन अहिरवार, युवराज सिंह बुन्देला, रवि, कैलाश प्रजापति, हरीराम सिंह, मनोहर सिंह के अलावा अनेकों किसान मौजूद रहे।