इंटरमीडिएट के दो छात्रों की मौत

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इंटरमीडिएट के दो छात्रों की मौत

अवधनामा संवाददाता 

 एच एफ़ ख़ान देवबंद: अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे खड़े डंपर में जा घुसी। हादसे में मौके पर ही इंटरमीडिएट के दो छात्रों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्रों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। छात्रों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया।

कोतवाली क्षेत्र के गांव अंबोली निवासी नितिन पुत्र सतीश और आशीष नौटियाल पुत्र नरेंद्र बृहस्पतिवार को  बाइक द्वारा देवबंद कोचिंग सेंटर में जा रहे थे। जब वह सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर स्थित गांव साखन खुर्द के पास पहुंचे तो इसी दौरान बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े डंपर के नीचे जा घुसी। जिसके चलते दोनो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही सीओ रजनीश उपाध्याय और प्रभारी निरीक्षक योगेश शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों छात्रों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

वही दोनों छात्रों की मौत की जानकारी जब पैतृक गांव अंबोली पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों के मुताबिक दोनों छात्र देवबंद स्थित एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने के लिए आ रहे थे। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया मृतक छात्रों के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। हादसा बाइक के असंतुलित होने पर डंपर के नीचे घुसने के कारण हुआ है। हादसे के दौरान दोनों छात्र बिना हेलमेट के ही बाइक चला रहे थे। अगर दोनों के पास हेलमेट होता तो शायद आज दोनों छात्र अपने परिजनों के बीच सकुशल होते हैं।बृहस्पतिवार को गांव अंबोली निवासी इंटरमीडिएट के छात्र नितिन और आशीष के परिजनों को अभी शायद यह आभास नहीं था कि होई अष्टमी के पर्व पर उनके घरों के चिराग बुझ जाएंगे। दोनों छात्रों की माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु के लिए आज व्रत भी रखा था। दोनों ही छात्रों के घरों में मातम का माहौल बना हुआ है। आसपास के गांव के लोग भी परिजनों को सांत्वना देने घर पर पहुंच रहे हैं।बताया जाता है कि सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर गुरुवार को हुए हादसे के दौरान एक युवक गंभीर अवस्था में उपचार के लिए तड़पता रहा। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने एंबुलेंस को मौके पर बुलाने के लिए 108 पर भी कॉल किया। लेकिन करीब एक घंटे तक भी मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके चलते क्षेत्र के लोगों में भारी रोष बना हुआ है। अगर समय रहते घायल युवक को उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।