केले के साथ ही करें हल्दी की भी खेती- डॉ वेद प्रकाश

 कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव का भ्रमण कर दी गई तकनीकी जानकारी

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 केले के साथ ही करें हल्दी की भी खेती- डॉ वेद प्रकाश

अवधनामा संवाददाता

अयोध्या ।आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति  डॉ बिजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महोदया के मनसा अनुरूप, गांव को गोद लेकर, उन्हें हर तरह से सुविधा संपन्न कराते हुए आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का निर्देश एवं विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अनुसंधान और उसका किसानों के बीच में कितना उपयोग हो रहा है, हेतु विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक एवं वैज्ञानिकों को निर्देशित किया गया था। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ वेद प्रकाश के नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम डोभीयारा, जनपद सुलतानपुर में महाविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ गांव का भ्रमण कर किसानों को सलाहकारी सेवा एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकी की जानकारी प्रदान की गई ।अधिष्ठाता डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि गांव के किसानों को सलाहकारी सेवा ,वैज्ञानिक कृषि तकनीकी, उन्नतशील बीज, फ्रंटलाइन डेमोंसट्रेशन कराकर किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी एवं गांव का चौमुखी विकास हो सके।उन्होंने गांव के ही किसान अध्या सिंह द्वारा किए जा रहे केले की खेती का भी अवलोकन किया तथा केले के साथ हल्दी की भी खेती किए जाने की सलाह दी । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शस्य वैज्ञानिक डॉ बी एन सिंह ने रबी फसलों की तैयारी एवं रबी मौसम के दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती की वैज्ञानिक तकनीक एवं जानकारी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी, डॉ समीर सिंह द्वारा रबी फसलों में कीट नियंत्रण तथा डॉक्टर रोबीन ने किसानों की मृदा परीक्षण को लेकर जिज्ञासा को विस्तार से बताया ।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि गोद लिए गए गांव को समय-समय पर उन्नतशील बीज, गांव में किसान के प्रक्षेत्र पर ही प्रदर्शन लगाकर तकनीकी जानकारी दी जाएगी, जिससे गांव विकसित होकर एक आदर्श गांव के रूप में विकसित हो सके। भ्रमण कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ आलोक सिंह का विशेष योगदान रहा तथा गांव के किसान अध्या सिंह एवं अन्य ने विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम डोभीयारा को गोद लिए जाने पर  प्रसन्नता व्यक्त करते हुए गांव के विकास हेतु आशान्वित दिखे।