गांवों में अब समूहों का गठन कराएंगी सीआरपी टीमें

मोतीचक ब्लॉक के असना व महुई गांव के लिए टीम गठित

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गांवों में अब समूहों का गठन कराएंगी सीआरपी टीमें

अवधनामा संवाददाता

कुशीनगर। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत संवारने में जुटी महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। विभाग समूह की ऐसी महिलाओं को चिह्नित किया है जो सीआरपी का प्रशिक्षित ले चुकी है। ये महिलाएं जिले के अन्य ब्लॉकों के गांवों में जाकर स्वयं सहायता समूहों का गठन करेंगी। 

बता दें कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में स्वयं सहायता समूह का गठन मुख्यत: सीआरपी (कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन) के द्वारा किया जा रहा है। सीआरपी कम से कम एक साल पुराने समूहों की सदस्य होती है और उनकी सक्रियता के अनुसार उनका चयन किया जाता है। इसी क्रम में जिले से दो सदस्यीय टीम चुना गया है जिसमें तीन-तीन महिलाएं शामिल है। ये टीमें कप्तानगंज ब्लॉक क्षेत्र की है जो मोतीचक ब्लॉक के गांवों में जाकर समूहों का गठन करेंगी। मोतीचक के जिन गांवों को चिन्हित किया गया है उसमें असना व महुई है। एडीओ आईएसबी प्रमोद कुमार ने बताया कि असना गांव में सारिका, जुबैदा खातून व सुमित्रा तथा महुई में छाया राय, संध्या सिंह व अनिता देवी सीआरपी टीम में शामिल है। इन लोगों के द्वारा गांव में घूम-घूम कर समूहों का गठन करायेंगी। बुधवार को उक्त टीम को बीडीओ सुशील सिंह, एडीओ आईएसबी प्रमोद कुमार, विकास कुमार, अभिषेक आदि द्वारा उक्त टीम को बकायदा रजिस्टर देकर लक्ष्य के सापेक्ष समूहों का गठन के लिए गांव भेज दिया गया।