बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेसजनों ने दी गिरफ्तारी

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 बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेसजनों ने दी गिरफ्तारी
अवधनामा संवाददाता
अयोध्या। लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों कि अब तक ना हुई गिरफ्तारी एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी को बिना किसी अपराध के किसानों का दुख दर्द बांटने हेतु जाते समय असंवैधानिक गिरफ्तारी और उनकी रिहाई को लेकर लगातार आंदोलनरत कांग्रेसजनों ने गांधी पार्क में एकत्र होकर युवा नेता दिनेश यादव की अगुवाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम... ईश्वर अल्लाह तेरो नाम भजन गाते हुए सत्याग्रह प्रारंभ किया गया जिसका संचालन जिला प्रवक्ता मोहम्मद शरीफ ने किया इस अवसर पर कांग्रेसजनों को एआईसीसी सदस्य अशोक सिंह,पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा,वरि.नेता राम अभिलाख पाण्डेय,भगवान बहादुर शुक्ला,किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राम चरित्र वर्मा,फूलचंद यादव,उमेश उपाध्याय,छविराज यादव,महंत जयमंगल दास,राम नरेश मौर्य आदि कांग्रेस नेताओं ने संबोधित किया अंत में अगुवाई कर रहे युवा नेता दिनेश यादव ने इतनी बड़ी संख्या में आने पर सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए कचहरी को कूच किया पहले से ही बड़ी संख्या में गांधी पार्क को घेरे हुए कई थानों की पुलिस बल ने इन्हें बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया तब कांग्रेसजनों और पुलिस बल में झड़प हुई परंतु कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता की रिहाई के लिए कटिबद्ध रुके नहीं और"किसानों के हत्यारों को गिरफ्तार करो" "प्रियंका गांधी को रिहा करो" "पुलिस के बल पर तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी"आदि नारे लगाते हुए आगे बढ़ते गए रोडवेज के आगे से सभी को गिरफ्तार कर बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया जहां कांग्रेसजन इस जिद पर उतारू थे कि उन्हें जेल भेजा जाए कभी प्रशासन द्वारा उन्हें सूचना दी गई राहुल गांधी व प्रियंका गांधी  को तीन लोगों के साथ लखीमपुर खीरी जाकर किसानों से मिलने की अनुमति दे दी गई है इस सूचना पर गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे सच्चाई की जीत बताते हुए कहा की आखिर सरकार देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं आंदोलन से घबराकर घुटने टेक दिया है शाम को सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया रिहाई से पूर्व लखीमपुर में मारे गए किसान भाइयों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई।