क्षय रोग से ग्रस्त 11 बच्चों को सीएमओ और डीटीओ ने लिया गोद

जिले में इस समय टीबी के 5342 रोगियों का चल रहा है इलाज

 | 
क्षय रोग से ग्रस्त 11 बच्चों को सीएमओ और डीटीओ ने लिया गोद

अवधनामा संवाददाता


गोरखपुर । राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे जनान्दोलन के क्रम में शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आशुतोष कुमार दुबे और जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ0 रामेश्वर मिश्र ने क्षय रोग से पीड़ित 11 बच्चों को गोद लिया । इस दौरान सीएमओ ने मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को टीबी उन्मूलन के संकल्प के साथ जनजागरूकता की शपथ दिलायी। 

डीटीओ ने बताया कि जिले में इस समय टीबी के 5342 सक्रिय रोगी हैं, जिनका विभाग की देखरेख में इलाज चल रहा है । विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा टीबी रोगी खोज कर संक्रमण की चेन तोड़ी जाए  । इसके लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है । 

सीएमओ डॉ0 दुबे ने कहा कि समाज से क्षय उन्मूलन के लिए लोगों को अभी और जागरूक करते हुए अपने आस-पास के संभावित क्षय रोगियों को उपचार के लिए प्रेरित करना होगा । सीएमओ ने उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने यह शपथ दिलाई कि टीबी के कलंक को मिटाते हुए  समाज को क्षय रोग से मुक्त करने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे ।

इस दौरान डीटीओ डॉ. मिश्र ने बताया कि  दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी आना, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना, वजन कम होना और भूख न लगना टीबी के सामान्य लक्षण हैं । ऐसे टीबी के संभावित मरीज दिखें तो उनकी टीबी की जांच अवश्य करवाई जानी चाहिए। 

इस अवसर पर डॉ0 विराट स्वरूप श्रीवास्तव उप स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनीता पटेल, अरुण कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, ए एस मिश्रा, मयंक श्रीवास्तव, इंद्रनील कुमार, गोविंद, कमलेश कुमार और अभिनंदन सहित जिला क्षय रोग कार्यालय के तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक मरीज खोजने पर मिलती है ₹500 प्रोत्साहन राशि

डीटीओ ने बताया कि गैर सरकारी व्यक्ति या किसी निजी चिकित्सक द्वारा भी नया टीबी रोगी खोजने पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है । इसके अलावा टीबी मरीज को इलाज के दौरान पोषण के लिए 500 रुपये प्रति माह उसके खाते में दिये जाते हैं । टीबी मरीजों को सरकारी अस्पताल से समस्त दवाएं निःशुल्क दी जाती हैं । लक्षण दिखने पर किसी भी नजदीकी सरकारी अस्पताल पर संपर्क किया जाना चाहिए ।