सीएमडी एनसीएल भोला सिंह ने किया एनसीएल की खदानों का दौरा

निगाही, जयंत, अमलोरी व सीडब्ल्यूएस  का किया निरीक्षण

 | 
सीएमडी एनसीएल  भोला सिंह ने किया एनसीएल की खदानों का दौरा 

अवधनामा संवाददाता 

सोनभद्र /सिंगरौली भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के नव नियुक्त सीएमडी  भोला सिंह एनसीएल की खदानों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी दिशा में सीएमडी ने बुधवार को एनसीएल की मेगा परियोजना निगाही व जयंत का दौरा किया l इसके पूर्व  सिंह ने  मंगलवार को अमलोरी परियोजना का भी दौरा किया था ।  उन्होने खदान की भौगोलिक स्थिति, कार्य प्रणाली, उत्पादन, प्रेषण एवं इससे जुडी संरचनाओं व वृहद मशीनों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही उन्होने कैंटीन, रेस्ट शेल्टर एवं अन्य कर्मचारी कल्याण सुविधाओं का भी निरीक्षण किया एवं सुविधाओं पर  प्रसन्नता जाहिर की । 

जयंत परियोजना में निरीक्षण के दौरान वे कोल फ़ेस गए, व्यू पॉइंट से खदान का निरीक्षण किया एवं 'गंगा ड्रैगलाइन' का परिचालन देखा  तथा कर्मियों को खदान सुरक्षा, कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ  कार्य करने हेतु प्रेरित किया। जयंत स्थित कैंटीन व रेस्ट शेल्टर निरीक्षण के दौरान वे कर्मियों से रूबरू हुए एवं उन्हे  नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया एवं संबन्धित अधिकारियों को इस हेतु निर्देशित किया ।  

बुधवार को उन्होने निगाही परियोजना का भी निरीक्षण किया एवं परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी को उचित दिशानिर्देश दिये। उन्होने नवनिर्मित जयंत- निगाही कॉल ट्रांसपोर्टेसन रोड का भी निरीक्षण किया। 

मंगलवार को सीएमडी ने एनसीएल की एक अन्य मेगा परियोजना अमलोरी  का भी दौरा किया था जहां उत्पादकता के साथ उत्पादन के लिए विभिन्न निर्णय लिए थे। एनसीएल की रीढ़ कहे जाने वाले जयंत स्थित केंद्रीय कर्मशाला (सीडबल्यूएस) का भी सीएमडी एनसीएल   भोला सिंह ने मंगलवार को दौरा किया था । विगत रविवार को  सिंह ने एनसीएल की एक अन्य मेगा परियोजना दुधिचुआ खदान का भ्रमण कर उत्पादन एवं उत्पादकता की समीक्षा की थी। 

गौरतलब है कि  भोला सिंह ने 1 जनवरी से सीएमडी एनसीएल का पदभार ग्रहण किया है। एनसीएल को चालू वित्तीय वर्ष में 119 मिलियन टन उत्पादन व 126.5 मिलियन टन प्रेषण करना है।  एनसीएल 10 खदानों से कोयला खनन कर राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में भागीदारी बनती है, जिनमें से  5 अमलोरी, निगाही, जयंत, दुधिचुआ व खड़िया मेगा परियोजना हैं जिनका सालाना उत्पादन 10 मिलियन टन से अधिक है।