कार्यालय में तालाबंदी को लेकर चेयरमैन और ईओ आमने सामने

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कार्यालय में तालाबंदी को लेकर चेयरमैन और ईओ आमने सामने

अवधनामा संवाददाता

गोरखपुर (Gorakhpur)। नगर पंचायत बांसगांव में चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी और सभासदों के बीच खींचतान का मामला सामने आया है ।  मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों के सीज हो जाने पर चेयरमैन ने हाईकोर्ट का रुख किया और वहां से राहत मिलने पर 31 अगस्त को शासन के पत्र का हवाला देते हुए पदभार ग्रहण कर लिया। 

जबकि सभासदों के एक गुट ने चेयरमैन द्वारा पदभार ग्रहण करने को असंवैधानिक बताते हुए पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करायी है।

इस बीच मामले में नया मोड़ आ गया जब बृहस्पतिवार की सुबह जब नगर पंचायत अध्यक्ष अपने कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें सभी कमरों में ताला बंद मिला। 

इसके फौरन बाद अध्यक्ष श्री शाही ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि जब वह नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो वहां पर सभी कक्षों पर ताला बंद देखकर उन्होने मौके पर मौजूद चपरासी राम अशीष से कारण पूछा तो उसने बताया कि ईओ के निर्देश पर एक सभासद सभी कमरों में ताला बंद करके चाभी उठा ले गये हैं।

अध्यक्ष ने कहा कि ईओ तथा उक्त सभासद का यह कृत्य नगर पंचायत कार्यालय को हाईजैक कर उसे निजी जागीर बनाने जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्होने बताया कि इस सम्बंध में वह डीएम व कमिश्नर को टेलीफोन से अवगत करा दिया गया है। उन्होने बताया कि वह विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं। शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही भी शुरू की जायेगी।

वहीं दूसरी ओर अधिशासी अधिकारी कमलेश शाही ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैं। उन्हें कार्यालय में तालाबंदी की कोई सूचना नही है। उन्होंने कर्मचारी को कमरे में बंद कर उसका बयान लिए जाने की बात कही।

अध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के दौरान अनुपस्थित रहने के बयान पर उन्होंने कहा कि शासन से आये किसी पत्र की उन्हें जानकारी नही है । उन्होंने कहा कि जिस आदेश के आधार पर अध्यक्ष ने पदभार ग्रहण किया है उसकी उन्हें न कोई प्रतिलिपि मिली न ही कोई ईमेल आया और न ही जिलाधिकारी, एडीएम या एसडीएम ने उन्हें अध्यक्ष को पदभार ग्रहण कराने के लिए निर्देशित किया। 

बहरहाल चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी और सभसदों के बीच चल रही नूरा कुश्ती से नगर पंचायत विकास से कोसो दूर हो गया जिसके नुकसान की भरपाई का जवाबदेह कौन होगा यह तय करना अभी बाकी है।